सूरजपुर विकासखंड को मिला सत्येन मैत्रा राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार
जनपद पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल के हाथों ग्रहण किया पुरस्कार
रायपुर 08 सितम्बर 2011

साक्षर भारत कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सूरजपुर विकासखंड को प्रतिष्ठित सत्येन मैत्रा स्मृति राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार 2011 से नवाजा गया है। नई दिल्ली में आज आयोजित एक समारोह में जनपद पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सिंह ने यह पुरस्कार राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के हाथों ग्रहण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सरगुजा की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम व जिला पंचायत सरगुजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री धनंजय देवांगन भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा अतंर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितम्बर को सत्येन मैत्रा स्मृति राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार दिया जाता है। राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा इस वर्ष पूरे देश में एक राज्य, एक जिला, एक विकासखंड और एक ग्राम पंचायत को पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सूरजपुर विकासखंड को विकासखंड स्तरीय यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। पुरस्कार वितरण समारोह में राज्य संसाधन केन्द्र के निदेशक श्री तुहिनदेव जिला परियोजना अधिकारी सरगुजा श्री संजय गुप्ता, सहायक परियोजना अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता, विकासखंड परियोजना अधिकारी श्री सीमांचल त्रिपाठी तथा जनशिक्षण् केन्द्र सरगुजा के निदेशक एम. सिध्दिकी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ ने सत्येन मैत्रा स्मृति राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार प्राप्त करने के क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है। अब तक राज्य के महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सरगुजा, जशपुर जिले को जिला स्तरीय व कोयलारी (सरगुजा), सिरली (कोरबा) को ग्राम पंचायत स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। इस वर्ष सूरजपुर विकासखण्ड को विकासखण्ड स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा साक्षर भारत कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कोरिया जिले को जिला स्तरीय, सूरजपुर को विकासखण्ड स्तरीय व नयापाराकला (महासमुंद) को ग्राम पंचायत स्तरीय पुरस्कार के लिए अनुशंसा सहित 17 प्रस्ताव राष्ट्रीय साक्षरता मिशन नई दिल्ली को भेजा गया था।
सूरजपुर विकासखण्ड की एक लाख 93 हजार 061 जनसंख्या में से 35 हजार 765 व्यक्ति असाक्षर है। इस विकासखण्ड में तीन हजार 576 स्वयंसेवी शिक्षक तैयार किए गए है। वर्तमान में 574 साक्षरता कक्षाएं नियमित रूप से सफलतापूर्वक संचालित है। इस विकासखण्ड की समस्त 100 ग्राम पंचायतों में सर्वे एवं मैचिंग-बैचिंग, ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर समिति का गठन, पढ़ने वालों की पहचान, समन्वकों का चयन, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्रों का गठन एवं प्रेरक का चिन्हांकन, शिक्षार्थियों को प्राइमर, आखर झापी की उपलब्धता, साक्षरता कक्षा की शुरूवात, पठन-पाठन प्रक्रिया का क्रियान्वयन किया जा चुका है। सूरजपुर विकासखण्ड के सतपता गांव में 1 अगस्त से 31 अगस्त 2010 तक मुस्लिम महिलाओं के लिए विशेष आवासीय साक्षरता शिविर का आयोजन राज्य साक्षरता मिशन के निर्देशन में राज्य संसाधन केन्द्र द्वारा जिला लोक शिक्षा समिति एवं जन शिक्षण संस्थान के सहयोग से किया गया था। शिविर में 132 मुस्लिम महिलाएं शामिल हुई। इस शिविर से निकल कर आई नवसाक्षर मुमताज बेगम ने गत वर्ष हैदराबाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री के साथ कार्यक्रम का उद्धाटन किया था। शिविर के माध्यम से ही महिलाओं ने कौशल विकास कार्यक्रम एवं स्वसहायता समूहों का निर्माण कर एक उपलब्धि हासिल की। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निर्देशन में राज्य संसाधन केन्द्र द्वारा सफलता के नए आयाम नामक विशेष कार्यक्रम के तहत मई 2011 में विकासखण्ड सूरजपुर को चिन्हांकित कर अकादमिक संसाधन लगातार प्रदान किया जा रहा है।

