आगामी शिक्षा सत्र के प्रथम दिन नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की तैयारी
पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष ने पुस्तकों से भरे वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के सभी बच्चों को आगामी शिक्षा सत्र 2011-12 के प्रथम दिन 16 जून को मुफ्त में पुस्तक वितरण करने की तैयारी पूरी हो गई है। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में स्थापित डिपो में पाठ्यपुस्तकें पहुंचायी जा चुकी हैं। निगम के अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा ने आज यहां आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में पाठयपुस्तकों से भरे वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया और डिपो से स्कूलों तक पाठ्यपुस्तकें भेजने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ राज्य ब्र्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष और धरसीवां विधायक श्री देवजीभाई पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
निगम अध्यक्ष श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार संचालित योजनाओं में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में मिल का पत्थर साबित हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को मुफ्त में किताबें देना पुण्य का कार्य है। नयी पीढ़ी को शिक्षित करने में यह योजना जरूर सफल होगी। श्री शर्मा ने कहा कि बदली हुई परिस्थति में आज ग्रामीण क्षेत्रों के भी अभिभावक शिक्षा के प्रति जागरूक हो गये हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की जिम्मेदारी अधिक बढ़ गयी है। निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को अधिक सचेत और सजग रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना है, ताकि बच्चों को सुविधाजनक ढंग से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें समय पर स्कूली बच्चों तक पहुंचाना निगम की जिम्मेदारी है। विगत वर्षों में नि:शुल्क पुस्तक वितरण व्यवस्था में काफी सुधार आया है। श्री शर्मा ने बताया कि अगले शिक्षा सत्र से हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के गरीबी रेखा श्रेणी के विद्यार्थियों को भी नि:शुल्क पाठयपुस्तकें दी जाएंगी। ब्र्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री देवजीभाई पटेल ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र के पहले दिन ही बच्चों के हाथों में नि:शुल्क पाठयपुस्तकें उपलब्ध कराना बहुत बड़ी बात होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया में निश्चित रूप से हमारा राज्य आगे बढ़ा है। दो-तीन वर्ष पूर्व तक ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलने की शिकायतें जरूर मिलती थीं। अब स्थिति बदल गयी है। इस प्रकार की शिकायतें अब सामने नहीं आती हैं।
इस कार्यक्रम में बताया गया कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तक वितरण के लिए इस वर्ष दो करोड़ से अधिक पाठयपुस्तकें छपाई गई हैं। जिला मुख्यालयों से स्कूलों तक पाठ्यपुस्तक भेजने का कार्य आज से शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ की ऐसी महान विभूतियां जिनके बारे में नयी पीढ़ी को समुचित जानकारी नहीं है,उनकी जीवनी पर आधारित चित्रकथा बनाने का कार्य भी चल रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की अस्सी महान विभूतियों को चिन्हित कर चित्रकथा बनाई जा रही है। इन विभूतियों की चित्रकथायुक्त पुस्तकें स्कूली बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर रायपुर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, पार्षद श्री सूर्यकांत राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री संतोष जैन ने किया।

