लगभग शत-प्रतिशत शिक्षाकर्मी लौट आए काम पर- स्कूलों में उत्साह के साथ फिर शुरू हुई पढ़ाई
रायपुर 08 नवम्बर 2011
छत्तीसगढ़ की लगभग शत-प्रतिशत शालाओं में पंचायतों और नगरीय निकायों के व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक (पूर्व नाम शिक्षाकर्मी) आज अपने अध्यापन कार्य के लिए उपस्थित हो गए। सभी
संबंधित स्कूलों में शिक्षाकर्मियों ने उत्साह के साथ बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस महीने की दो तारीख को केबिनेट में लिए गए निर्णय के अनुरूप पंचायत और ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शिक्षाकर्मियों की अधिकांश मांगों को स्वीकृत करते हुए दो, तीन और चार नवम्बर को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश के डेढ़ लाख में से लगभग शत-प्रतिशत शिक्षाकर्मियों ने इन आदेशों के परिप्रेक्ष्य में तथा राज्य शासन द्वारा दी गई तीन दिन की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए आज से अपने-अपने विद्यालयों में आना शुरू कर दिया।
विभिन्न जिलो से यहां विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के अनुसार रायपुर जिले के ग्राम गातापार, ठेलकाबांधा और मानिकचौरी (विकासखंड-अभनपुर), माना बस्ती (विकासखंड धरसीवां) सहित
बस्तर (जगदलपुर) और कोरबा सहित राज्य के सभी जिलों के करीब शत-प्रतिशत स्कूलों में शिक्षाकर्मियों को उत्साह के साथ अध्यापन कार्य करते देखा गया। सरगुजा जिले से मिली जानकारी के अनुसार वहां के 16 हजार 500 शिक्षाकर्मियों में से केवल पांच शिक्षाकर्मियों के हड़ताल पर रहने की जानकारी मिली, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इनके अलावा हड़तालरत 11 शिक्षाकर्मियों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। महासमुंद जिले में तो प्रारंभ से ही हड़ताल की स्थिति नहीं थी। वहां के जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शिक्षाकर्मी संघ ने प्रशासन को यह लिखित सूचना दी है कि उनका कोई भी सदस्य हड़ताल में शामिल नहीं है। राजनांदगांव जिले के 625 शिक्षाकर्मी हड़ताल पर थे, जो काम पर लौट आए हैं। कबीरधाम जिले में लगभग एक हजार 400 शिक्षाकर्मियों ने हड़ताल छोड़कर स्कूलों में अपनी उपस्थिति दे दी है। बीजापुर जिले से टेलीफोन पर मिली जानकारी के अनुसार वहां तीनों वर्गों के एक हजार 792 शिक्षाकर्मियों में से लगभग डेढ़ हजार शिक्षाकर्मी काम पर लौट आए हैं। वहां लगभग 204 शिक्षाकर्मियों को हड़ताल के कारण निलम्बित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जांजगीर-चाम्पा जिले के नौ विकासखंडों में से सक्ती और डभरा विकासखंडों के शिक्षाकर्मी प्रारंभ से ही हड़ताल पर नहीं थे, जबकि बाकि सात विकासखंडों के अधिकांश शिक्षाकर्मी भी काम पर लौट आए हैं। शिक्षाकर्मी फेडरेशन, जिला जांजगीर-चाम्पा के अध्यक्ष ने पांच नवम्बर को ही वहां
के कलेक्टर को अनिश्चित कालीन धरना आंदोलन स्थगित करने की लिखित जानकारी दे दी थी। नारायणपुर जिले के विकासखंड ओरछा में कार्यरत 393 शिक्षाकर्मियों में से कोई भी हड़ताल पर नहीं है, जबकि विकासखंड नारायणपुर के 835 हड़ताली शिक्षाकर्मियों में से भी अधिकांश के अपने काम पर लौट आने की सूचना दूरभाष पर मिली है। बस्तर (जगदलपुर) जिले के विकासखंड बस्तर, बकावंड, दरभा, बास्तानार, केशकाल, तोकापाल, कोण्डागांव आदि विकासखंडों में अधिकांश स्कूलों में शिक्षाकर्मियों को उत्साह के साथ अध्यापन कार्य करते देखा गया। कोरबा जिले में कुल चार हजार 575 शिक्षाकर्मियों से केवल 421 लोग हड़ताल पर थे, जो आज वापस अपनी शालाओं में लौट आए। कोरिया जिले में भी हड़ताल की स्थिति नहीं है।जशपुर जिले के सभी शिक्षा कर्मी कम पर लौट आए हैं । धमतरी जिले के अधिकांश स्कूलों में भी पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है। वहां प्रशासन द्वारा लगभग एक हजार हड़ताली शिक्षाकर्मियों को कारण बताओ नोटिस दी गई थी और कानूनी कार्रवाई कर धारा 151 के तहत 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

