छत्तीसगढ़ में 40 लाख से अधिक स्कूली बच्चों को मिल रहा ताजा और पौष्टिक भोजन
रायपुर, 13 नवम्बर 2010
छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश के 46 हजार 985 स्कूलों में 40 लाख से अधिक स्कूली बच्चों को स्कूलों में ताजा और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इनमें 33 हजार 478 प्राथमिक शालाओं के 27 लाख 57 हजार 531 तथा 13 हजार 507 पूर्व माध्यमिक उच्च प्राथमिक शालाओं के 12 लाख 54 हजार 756 स्कूली बच्चे शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि दोनों तरह के स्कूलों को मिलाकर रायपुर जिले में सबसे अधिक छह लाख 16 हजार 439 स्कूली बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। इनमें से चार लाख 09 हजार 164 बच्चे प्राथमिक स्कूलों तथा दो लाख 07 हजार 275 बच्चे पूर्व माध्यमिक स्कूलों में दर्ज हैं। इसी प्रकार राजनांदगांव जिले में दो लाख 52 हजार 362, धमतरी जिले में एक लाख 21 हजार 23, कबीरधाम (कवर्धा) जिले में एक लाख 46 हजार 945, जशपुर जिले में एक लाख 36 हजार 636, कोरिया जिले में एक लाख 24 हजार 32, सरगुजा जिले में तीन लाख 98 हजार 36, दुर्ग जिले में चार लाख 49 हजार 607, रायगढ़ जिले में दो लाख चार हजार 759, बिलासपुर जिले में चार लाख 45 हजार 781, जांजगीर-चांपा जिले में दो लाख 47 हजार 219, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में एक लाख 24 हजार 32, बस्तर जिले में दो लाख 73 हजार 182, महासमुंद जिले में एक लाख 74 हजार 313, कोरबा जिले में दो लाख एक हजार 216 तथा दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में एक लाख 28 हजार 799 स्कूली बच्चों को स्कूलों में ही मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है। बस्तर में नारायणपुर जिले तथा दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) में बीजापुर जिले के स्कूली बच्चों की दर्ज संख्या शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को दोपहर में ताजा भोजन दिया जाता है। योजना में शिक्षा विभाग, अनुसूचित जाति-जनजाति विकास विभाग के स्कूलों के साथ-साथ अशासकीय अनुदान प्राप्त स्कूलों और मदरसों के बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मध्यान्ह भोजन योजना के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप शाला त्यागी बच्चों की संख्या में कमी आयी है। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों की दर संख्या में भी उल्लेखनीय वृध्दि दर्ज की गयी है।

