छत्तीसगढ़ में 74 मॉडल स्कूल खुलेंगे
प्रथम चरण में 20 स्कूलों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी
इनमें सर्वाधिक 17 मॉडल स्कूल नक्सल पीड़ित जिलों में
केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर खुलेंगे मॉडल स्कूल
रायपुर 21 अप्रैल 2010
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े 74 विकासखण्डों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर 74 मॉडल स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इन मॉडल स्कूलों में छठवीं से बारहवीं तक पढ़ाई होगी। प्रथम चरण में 20 विकासखण्डों में मॉडल स्कूल खोलने के लिए प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। राज्य के शेष 54 पिछड़े विकासखण्डों के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रदेश के 146 में से 74 विकासखण्डों को शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े विकासखण्डों की श्रेणी में रखा गया है। इन्हीं पिछड़े विकासखण्डों में मॉडल स्कूल की योजना शुरू की जा रही है।
राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रथम चरण में खुलने वाले मॉडल स्कूलों की प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश यहां राजीव गांधी शिक्षा मिशन के राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी कर दिया गया है, ये सभी स्वीकृत बीस मॉडल स्कूल इस वर्ष आगामी शिक्षा सत्र से शुरू हो जाएंगे। इनमें से सर्वाधिक 17 मॉडल स्कूल राज्य के आदिवासी बहुल और नक्सल पीड़ित सरगुजा और बस्तर संभाग में खोले जाएंगे। सरगुजा जिले में ग्यारह और बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में दो और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में चार मॉडल स्कूल खोलने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस वर्ष आगामी शिक्षा सत्र में जिन स्थानों में मॉडल स्कूल खोलने की मंजूरी मिल गयी है। इनमें ग्राम कोतरी विकासखण्ड लोरमी, जिला बिलासपुर, ग्राम उल्लूर विकासखण्ड भोपालपट्नम जिला बीजापुर, ग्राम चींताकोंटा विकासखण्ड उसूर जिला बीजापुर, ग्राम हितावर विकासखण्ड कुआकोण्डा जिला दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), ग्राम रोकेल विकासखड छिन्दगढ़ जिला दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), ग्राम जवन्गा विकासखण्ड जिला दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), ग्राम मुतुन्ड विकासखण्ड सुकमा जिला दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), ग्राम जॉता विकासखण्ड बेमेतरा जिला दुर्ग, ग्राम धरमजयगढ़ विकासखण्ड धरमजयगढ़ जिला रायगढ़, ग्राम जामड़ी विकासखण्ड भैंयाथान जिला सरगुजा, ग्राम पतरातु विकासखण्ड राजपुर जिला सरगुजा, ग्राम कनकनगर विकासखण्ड प्रतापपुर जिला सरगुजा, ग्राम नर्मदापुर विकासखण्ड मैनपाट जिला सरगुजा, ग्राम केवड़ी विकासखण्ड लखनपुर जिला सरगुजा, ग्राम भटको विकासखण्ड बतौली जिला सरगुजा, ग्राम सेमरा विकासखण्ड कुसमी जिला सरगुजा, ग्राम कड़की विकासखण्ड लुण्ड्रा जिला सरगुजा, ग्राम कलामंजन विकासखण्ड ओड़गी जिला सरगुजा, ग्राम भवरमल विकासखण्ड रामचन्द्रपुर जिला सरगुजा और ग्राम प्रतापगढ़ विकासखण्ड सीतापुर जिला सरगुजा शामिल हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि मॉडल स्कूलों में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा स्वीकृत पाठयक्रम की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से होगी। मॉडल स्कूल की योजना केन्द्रीय विद्यालय की तर्ज पर शुरू की जा रही है। प्रत्येक मॉडल स्कूल के भवन निर्माण का प्रोजेक्ट तीन करोड़ रूपए का होगा। इस प्रकार 74 मॉडल स्कूलों के भवन निर्माण पर 222 करोड़ रूपए की लागत आएगी। वर्तमान में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा प्रत्येक स्कूल भवन के निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रूपए का आबंटन जारी कर दिया गया है। प्रत्येक मॉडल स्कूल परिसर दस एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। राज्य शासन द्वारा प्रथम चरण में स्वीकृत 20 मॉडल स्कूलों के परिसरों के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए अध्ययन-अध्यापन की सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। मॉडल स्कूलों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश देने की कार्रवाई की जाएगी। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं का प्रवेश छठवीं कक्षा (पूर्व माध्यमिक) से शुरू होगा। बाद में नवमी (माध्यमिक) और ग्यारहवीं (हायर सेकेण्डरी) कक्षा में प्रवेश देने के लिए प्रवेश परीक्षा ली जाएगी। मॉडल स्कूलों के लिए नये पदों की स्वीकृति की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।

