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गीता में सभी समस्याओं के समाधान के उपाय

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When Dec 08, 2011
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गीता जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी में विद्वानों के विचार


रायपुर 08 दिसम्बर 2011

  छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडलम द्वारा गीता जयंती के अवसर पर कल यहां संस्कृत विद्वानों की विचार गोष्ठी आयोजित की गई। संस्कृत विद्या मंडलम के स्थानीय पेंशनबाड़ा स्थित कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्वानों ने श्रीमद भगवत गीता के महत्व पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। विद्वानों ने कहा कि श्रीमद् भगवत गीता में मनुष्य की हर समस्या के समाधान के उपाय सुझाए गए हैं। गीता के उपदेश सर्वकालिक है। गीता में दिए गए उपदेशों को अमल में लाकर व्यक्तिगत के साथ-साथ राष्ट्रीय समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।
    इस कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार श्री बालचंद्र कछवाहा ने की। उन्होंने गीता के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा की थोड़ी बहुत भी जानकारी रखने वाले व्यक्ति सरलत ढंग से गीता का अध्ययन कर सकते हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडलम के अध्यक्ष डॉ. गणेश कौशिक, बख्शी सृजन पीठ के अध्यक्ष डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र, साहित्यकार श्री जल कुमार मसन्द, प्रो. सत्येन्दु शर्मा, श्री बी.आर. साहू, प्रो. मधुसूदन लाल शर्मा, श्री रमन गिरी गोस्वामी, डॉ. तोयनिधि वैष्णव ने गीता के उपदेशों पर प्रकाश डाला।

क्र्रमांक-4033/राजेश
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