स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा शासकीय जिला ग्रंथालय रायपुर के नये भवन का लोकार्पण
रायपुर 20 मार्च 2010

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां नलघर चौक पर शासकीय जिला ग्रंथालय रायपुर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। पचपन साल पुराने इस ग्रंथालय के लिए नये भवन बनवाने के साथ-साथ वहां पर कम्प्यूटर, फर्नीचर और पुस्तकों की व्यवस्था की गयी है। इन कार्यों में साढ़े चौदह लाख रूपए की लागत आयी है।
श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि ज्ञान और सूचना के वर्तमान युग में स्कूली शिक्षा के स्तर पर निर्धारित पाठयक्रमों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नये आविष्कारों के बारे में बच्चों को जानकारी देना जरूरी है, ताकि वे प्रतियागी परीक्षाओं के लिए सक्षम बन सकें। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य के हायर सेकेण्डरी एवं हाईस्कूलों में पुस्तकालयों की स्थापना कर दी गयी है। पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के लिए उनकी रूचि के अनुरूप विभिन्न प्रकार की पुस्तकों की व्यवस्था करने की कार्रवाई चल रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य के मानव संसाधन को कुशल और योग्य बनाने के लिए प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर ही ऐसा प्रयास किया जाना जरूरी है कि बच्चे पुस्तकों को अपना मित्र बनाएं । पाठयक्रम के अलावा अन्य ज्ञानवर्धक और रूचिकर पुस्तकें पढ़ने से बच्चों की नैसर्गिक प्रतिभा में निखार आएगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वाचन संस्कृति विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ पुस्तकालय अधिनियम बनाया गया। राज्य निर्माण के समय प्रदेश के सात जिलों में जिला ग्रंथालय स्थापित थे। विगत दो वर्ष में छह अन्य जिलों में जिला ग्रंथालय खोलने की स्वीकृति दी गयी है। शेष पांच जिलों में जिला ग्रंथालय आगामी दो वर्ष में स्थापित हो जाएंगे। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर स्कूली पाठयक्रमों में देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से संबंधित पुस्तकों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल करने पर जोर देते हुए कहा कि नयी पीढ़ी में देश भक्ति, राष्ट्र प्रेम और स्वाभिमान की भावना बढ़ाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का अध्ययन-अध्यापन कराना जरूरी है। उन्होंने इस अवसर पर भविष्य में शासकीय जिला ग्रंथालय रायपुर में और अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सहयोग करने का आश्वासन दिया। जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर डॉ. आर. बाम्बरा ने शासकीय जिला ग्रंथालय रायपुर के इतिहास और वर्तमान में वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

