शिक्षा कर्मी भर्ती नियमों में संशोधन :अब मेरिट के आधार पर शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति
जिला और जनपद पंचायतों द्वारा
रायपुर 29 अप्रैल, 2011
राज्य शासन द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में शिक्षाकर्मियों के रिक्त पदों को भरने के लिए शिक्षा कर्मी भर्ती नियमों में संशोधन किया है। संशोधन के अनुसार अब मेरिट के आधार पर शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति जिला और जनपद पंचायतों द्वारा की जाएगी। इसमें शिक्षाकर्मियों की मेरिट के आधार पर सीधी भर्ती के लिए आवेदनों की शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं बी.एड. या डी.एड. में प्राप्त अंकों के आधार पर अधिमन्यता दी जाएगी। संशोधन के फलस्वरूप शिक्षा कर्मी वर्ग-1 और वर्ग-2 की भर्ती में श्रेणी बंधन की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इसी प्रकार शिक्षा कर्मी वर्ग-3 की निर्धारित क्षैक्षणिक योग्यता के साथ डी.एड. उपाधिधारी नहीं मिलने पर बी.एड. उपाधि धारकों को प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान किया गया है। शिक्षा कर्मी वर्ग-3 की भर्ती में विज्ञान संकाय में पर्याप्त अभ्यर्थी नहीं मिलने पर संशोधन के अनुसार अब कला संकाय में 70 प्रतिशत और विज्ञान संकाय में 30 प्रतिशत नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 के नियम 6 (1) (क) में शिक्षा कर्मियों की भर्ती प्रतियोगी परीक्षा द्वारा अथवा मेरिट द्वारा चयन कर अथवा दोनों द्वारा सीधी भर्ती से करने का प्रावधान है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा नियमों में संशोधन किया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से कल 28 अप्रैल को इस संबंध में सभी जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नवीन शिक्षा सत्र जुलाई 2011 के पहले भर्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिपत्र में बताया गया है कि जिला पंचायतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में शिक्षा कर्मी वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के काफी पद रिक्त है। इन रिक्त पदों को नवीन शिक्षा सत्र से पूर्व भरा जाना है। जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा गया है कि शिक्षा कर्मी की नियुक्ति ' छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007, में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार किया जाना है। परिपत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासकीय सेवा में नियुक्ति के लिए समय-समय पर आयु सीमा प्रदान की गयी सभी प्रकार की छूट शिक्षाकर्मियों के लिए भी लागू होगी। संशोधन के संबंध में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना का प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 7 अप्रैल 2011 के अंक में भी कर दिया गया है।
परिपत्र में बताया गया है कि शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति में छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और अन्य पिछडे वर्गो के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 के उपबंधों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीद्वारों को आरक्षण दिया जाए। इसी प्रकार राज्य सरकार के नियमों के अनुसार महिलाओं और भूतपूर्व सैनिकों को भी आरक्षण की पात्रता होगी। आरक्षण यथास्थिति जिला पंचायत और जनपद पंचायत द्वारा रखे गए रोस्टर के अनुसार की जाए। नि:शक्तजन (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं सम्पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के प्रावधान अनुसार नेत्रहीन, बधिर एवं अन्य विकलांगों की नियुक्ति हेतु छह प्रतिशत (प्रत्येक संवर्ग के दो-दो प्रतिशत) 100 बिन्दु रोस्टर के अनुसार आरक्षित करते हुए शिक्षाकर्मियों की भर्ती के पूर्ण आरक्षित पदों का चिन्हांकन कर सभी संवर्गों के लिए नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। जिन प्रवर्गों के लिए पद आरक्षित है, उन प्रवर्गों में यदि पर्याप्त संख्या में उम्मीद्वार नहीं मिलते हैं तो ऐसे संभावित रक्त पदों को किन्ही अन्य प्रवर्ग से नहीं भरा जाए। शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन की प्रति संबंधित जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय के सूचना फलक में चस्पा करने के लिए अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
परिपत्र में कहा गया है कि जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों को रजिस्टर में पंजीकृत किया जाए। साथ ही प्राप्त आवेदन पत्रों को कम्प्यूटर में भी दर्ज किया जाए। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में प्रतिदिन कम्प्यूटर में दर्ज किए गए आवेदन पत्रों के संबंध में राज्य स्तर पर नियमित रूप से उसकी मानिटरिंग होगी। अत: जैसे ही आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं उन्हें तत्काल कम्प्यूटर में दर्ज कराया जाना सुनिश्चित कराया जाए।
परिपत्र में बताया गया है कि जिला पंचायतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षाकर्मियों की पदोन्नति से भरे जाने वाले भी काफी पद रिक्त है। छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 की अनुसूचि तीन में शिक्षाकर्मी वर्ग-1 और वर्ग-2 में 50 प्रतिशत सीधी भर्ती तथा 50 प्रतिशत पदोन्नति से पद पूर्ति का प्रावधान है। अत: निर्देशित किया जाता है कि पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों की पूर्ति की कार्रवाई दो माह के भीतर अनिवार्य रूप से कर ली जाए। यदि पदोन्नति के लिए पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 की अनुसूचि तीन के क्रमांक 2 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत पद पूर्ति की कार्रवाई की जाए।
जिला पंचायत और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 तथा संशोधन आदेश के अनुसार शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति की संपूर्ण कार्रवाई 30 मई 2011 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए। शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति के लिए कार्य की सुगमता और समयबध्दता की दृष्टि से एक समय-सारणी तैयार कर ली जाए, जिससे शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति की कार्रवाई समय-सीमा में पूर्ण की जा सकें। जिले में शिक्षा कर्मी की नियुक्ति की प्रगति से समय-समय पर शासन स्तर पर विभाग को भी अवगत कराए।
परिपत्र में बताया गया है कि जिला पंचायतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में शिक्षा कर्मी वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के काफी पद रिक्त है। इन रिक्त पदों को नवीन शिक्षा सत्र से पूर्व भरा जाना है। जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा गया है कि शिक्षा कर्मी की नियुक्ति ' छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007, में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार किया जाना है। परिपत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासकीय सेवा में नियुक्ति के लिए समय-समय पर आयु सीमा प्रदान की गयी सभी प्रकार की छूट शिक्षाकर्मियों के लिए भी लागू होगी। संशोधन के संबंध में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना का प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 7 अप्रैल 2011 के अंक में भी कर दिया गया है।
परिपत्र में बताया गया है कि शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति में छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और अन्य पिछडे वर्गो के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 के उपबंधों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीद्वारों को आरक्षण दिया जाए। इसी प्रकार राज्य सरकार के नियमों के अनुसार महिलाओं और भूतपूर्व सैनिकों को भी आरक्षण की पात्रता होगी। आरक्षण यथास्थिति जिला पंचायत और जनपद पंचायत द्वारा रखे गए रोस्टर के अनुसार की जाए। नि:शक्तजन (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं सम्पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के प्रावधान अनुसार नेत्रहीन, बधिर एवं अन्य विकलांगों की नियुक्ति हेतु छह प्रतिशत (प्रत्येक संवर्ग के दो-दो प्रतिशत) 100 बिन्दु रोस्टर के अनुसार आरक्षित करते हुए शिक्षाकर्मियों की भर्ती के पूर्ण आरक्षित पदों का चिन्हांकन कर सभी संवर्गों के लिए नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। जिन प्रवर्गों के लिए पद आरक्षित है, उन प्रवर्गों में यदि पर्याप्त संख्या में उम्मीद्वार नहीं मिलते हैं तो ऐसे संभावित रक्त पदों को किन्ही अन्य प्रवर्ग से नहीं भरा जाए। शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन की प्रति संबंधित जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय के सूचना फलक में चस्पा करने के लिए अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
परिपत्र में कहा गया है कि जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों को रजिस्टर में पंजीकृत किया जाए। साथ ही प्राप्त आवेदन पत्रों को कम्प्यूटर में भी दर्ज किया जाए। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में प्रतिदिन कम्प्यूटर में दर्ज किए गए आवेदन पत्रों के संबंध में राज्य स्तर पर नियमित रूप से उसकी मानिटरिंग होगी। अत: जैसे ही आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं उन्हें तत्काल कम्प्यूटर में दर्ज कराया जाना सुनिश्चित कराया जाए।
परिपत्र में बताया गया है कि जिला पंचायतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षाकर्मियों की पदोन्नति से भरे जाने वाले भी काफी पद रिक्त है। छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 की अनुसूचि तीन में शिक्षाकर्मी वर्ग-1 और वर्ग-2 में 50 प्रतिशत सीधी भर्ती तथा 50 प्रतिशत पदोन्नति से पद पूर्ति का प्रावधान है। अत: निर्देशित किया जाता है कि पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों की पूर्ति की कार्रवाई दो माह के भीतर अनिवार्य रूप से कर ली जाए। यदि पदोन्नति के लिए पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 की अनुसूचि तीन के क्रमांक 2 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत पद पूर्ति की कार्रवाई की जाए।
जिला पंचायत और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षा कर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2007 तथा संशोधन आदेश के अनुसार शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति की संपूर्ण कार्रवाई 30 मई 2011 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए। शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति के लिए कार्य की सुगमता और समयबध्दता की दृष्टि से एक समय-सारणी तैयार कर ली जाए, जिससे शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति की कार्रवाई समय-सीमा में पूर्ण की जा सकें। जिले में शिक्षा कर्मी की नियुक्ति की प्रगति से समय-समय पर शासन स्तर पर विभाग को भी अवगत कराए।
क्रमांक-499 /चतुर्वेदी

