स्कूल शिक्षा मंत्री से इंग्लैंड के स्कूलों की शिक्षिकाओं के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात
रायपुर जिले के अनेक स्कूलों का अवलोकन किया
स्कूली बच्चों की जिज्ञासु प्रवृति और रचनात्मक अभिरूचि से खास प्रभावित हुए प्रतिनिधि मंडल के सदस्य
रायपुर, 25 फरवरी 2011
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से आज विधानसभा के समिति कक्ष में इंग्लैंड के लिसेस्टर कंट्री काउंसिल के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीन स्कूलों की शिक्षिकाओं के प्रतिनिधि मण्डल ने भेंट की । यह
प्रतिनिधि मण्डल 19 फरवरी से आज 25 फरवरी तक छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के प्रवास पर था। प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने पिछले छह दिनों में राजधानी रायपुर और आस-पास के आठ स्कूलों में पहुंचकर इन स्कूलों की कक्षा गतिविधियों का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने पाठयेत्तर गतिविधियों को भी नजदीक से देखा। पाठयेत्तर गतिविधियों के अंतर्गत इन स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा खेल-कूद से प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने समझने का अवसर मिला। इस प्रतिनिधि मण्डल में लाएस्टर काउंसिल के बारहोलोम्यू प्रायमरी स्कूल की शिक्षिका मेडम बिके जेम्स और मेडम शेरोन पार्सलो, इबस्टोक कम्यूनिटी कॉलेज की मेडम लिन्डा हिंगीन्सन और हिदर प्रायमरी स्कूल की मेडम जूली सिम्बी शामिल थीं। इस अवसर पर संचालक लोक शिक्षण श्री के.आर.पिस्दा, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद श्री सुधीर अग्रवाल, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिसर परिषद के श्री आलोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि रायपुर और दुर्ग कलस्टर के 23 स्कूलों के विद्यार्थियों को ब्रिटिश काउंसिल कनेंक्टिंग क्लास रूम प्रोजेक्ट के तहत इंटरनेट के जरिए इंग्लैड के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों से जोड़कर आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधा दिलाने के उददेश्य से ब्रिटिश काउंसिल और राज्य शासन के बीच 12 मई 2010 को एम.ओ.यू. किया गया है। योजना के तहत दुर्ग कलस्टर के ग्यारह और रायपुर कलस्टर के बारह स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में इंटरनेट के जरिए अध्ययन की गतिविधियां शुरू हो गई है।
स्कूल शिक्षा मंत्री से मुलाकात के दौरान इंग्लैंड सेर् आई शिक्षिकाआें बताया कि उन्होंने जिन स्कूलों का अवलोकन किया वहां के बच्चे जिज्ञासु और सीखने के प्रति उत्साहित नजर आए। इन बच्चों की रचनात्मक अभिरूचि प्रशंसनीय है। उन्होंने बताया कि वे बच्चों की लर्निंग कल्चर से भी खास प्रभावित हुई। उन्होंने बच्चों की साफ-सुथरी लिखावट की विशेष रूप से तारीफ करते हुए कहा कि बच्चों की सोच रचनात्मक है। 13-14 साल के बच्चे भी भविष्य के प्रति स्पष्ट सोच रखते हैं। उनमें से अनेक बच्चों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की बात कही। स्कूल शिक्षा मंत्री के पूछने पर प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने बताया कि इंग्लैंड में सात से ग्यारह वर्ष उम्र के स्कूली बच्चों के केवल अंग्रेजी और गणित विषय का मूल्यांकन किया जाता है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा होती है। इस आयु वर्ग के बच्चों के अन्य विषयों का मूल्यांकन कक्षा शिक्षकों द्वारा किया जाता है। इसी तरह 15 से 17 वर्ष के स्कूली बच्चों के सभी विषयों के मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनायी जाती है। जिन बच्चों को सीखने में दिक्कत होती है, उन्हीं बच्चों का आईक्यू टेस्ट लिया जाता है।
श्री अग्रवाल ने बैठक में उपस्थित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कनेक्टिंग क्लास रूम परियोजना के क्रियान्वयन के बाद दोनों जिलों के स्कूलों के बच्चों को हुए फायदों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि रायपुर और दुर्ग जिले के जिन स्कूलों का चयन परियोजना के तहत किया गया है, वहां के बच्चों को शिक्षा देने इंग्लैंड और छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इंटरनेशनल स्कूल अवार्ड के लिए कामन गतिविधियों पर आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है। इस कार्य योजना की गतिविधियों से इन स्कूलों के बच्चों को दूसरे देशों की संस्कृति, परम्परा और शिक्षा पध्दति के बारे में जानकारी मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने पुरखौती मुक्तांगन और सिरपुर का भी भ्रमण किया। इसके अलावा भिलाई में स्कूली बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाली संस्था 'अक्षय पात्र' के कार्यो को भी देखा।
अधिकारियों ने बताया कि इंग्लैड के विभिन्न स्कूलों के एक दल ने सात से बारह फरवरी 2011 तक दुर्ग कलस्टर के स्कूलों का दौरा कर शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। दूसरे दल ने रायपुर कलस्टर के स्कूलों का दौरा किया। दूसरा दल 19 फरवरी को रायपुर पहुंचा। इस दल के सदस्यों ने राजधानी रायपुर के प्रो. जे.एन.पाण्डेय शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय जे.आर.दानी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मयाराम सुरजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मठपुरैना, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटोरा तालाब तथा कांगेर वेली स्कूल के अलावा शासकीय प्राथमिक शाला तेन्दुआ और शासकीय हाई स्कूल टेकारी अभनपुर का दौरा किया।

