प्रत्येक ग्रंथालय के लिए हर वर्ष मिलेगा 25 हजार रूपए का अनुदान प्रदेश में विकसित होगा एक आदर्श संस्कृत विद्यालय
संस्कृत विद्यालयों में ग्रंथालयों की स्थापना
स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम की कार्यकारिणी की बैठक
रायपुर, 26 मार्च 2011

छत्तीसगढ़ के सभी संस्कृत विद्यालयों में ग्रंथालयों की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक ग्रंथालय के लिए पुस्तकें खरीदनें हर साल 25 हजार रूपए का अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह प्रदेश में किसी एक संस्कृत विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां अध्ययन-अध्यापन की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्कृत विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम की कार्यकारिणी की बैठक में उक्ताशय के निर्णय लिए गए हैं। बैठक में संचालक लोकशिक्षण श्री के.आर.पिस्दा, उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव श्री जे.एस.दीक्षित, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग उप सचिव श्री पी.एल.बंजारे, संस्कृत विद्यामंडलम के सचिव श्री सुरेश शर्मा सहित संस्कृत विद्यामंडलम के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी बैठक में उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने संस्कृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को दी जानी वाली संस्कृत छात्रवृत्ति में वृध्दि करने, विद्यालयों में माध्यान्ह भोजन योजना लागू करने तथा विद्यालयों के लिए नये सेटअप स्वीकृत कराने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने प्रदेश में संस्कृत महाविद्यालय की संख्या बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने संस्कृत विद्यालयों में आधुनिक एवं व्यवसायिक पाठयक्रम लागू करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इन शैक्षणिक संस्थाओं में गणित, विज्ञान, भौतिक, रसायन जैसे विषयों की शिक्षा भी संस्कृत भाषा में देने के लिए जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्र-छात्राओं में संस्कृत के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए इन विद्यालयों ंमें आधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत है। श्री अग्रवाल के सुझाव पर संस्कृत भाषा में पुस्तक प्रकाशन के लिए अधिकतम 25 हजार रूपए का अनुदान स्वीकृत करने तथा संस्कृत विद्यालयों की छात्राओं को सायकल खरीदने 2700 रूपए देने का निर्णय भी लिया गया।
विद्यामंडलम के सचिव श्री सुरेश शर्मा ने बैठक में बताया कि प्रत्येक जिले में एक शासकीय संस्कृत विद्यालय खोलने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। शिक्षा सत्र 2010-11 में पांच जिलों में संस्कृत विद्यालय प्रथमा (कक्षा छठवीं) प्रारंभ की गयी है। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठय पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए गए हैें। छात्राओं को नि:शुल्क सायकलें भी दी गयी हैं। शिक्षा सत्र 2010-11 के दौरान अनेक विद्यालयों में कम्प्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है।

