साक्षर भारत कार्यक्रम : स्त्रोत व्यक्तियों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शुरू
निरक्षरों में अक्षर ज्ञान के लिए अभिरूचि बढ़ाने की जरूरत : डॉ. इंदिरा मिश्रा
रायपुर 18 मई 2011
साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सात जिलों में चयनित स्त्रोत व्यक्तियों का छह दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आज यहां प्रारंभ हो गया। प्रशिक्षण में बस्तर, दक्षिण बस्तर ( दंतेवाड़ा ), राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर, नारायणपुर और उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के स्त्रोत व्यक्ति शामिल हुए हैं। राज्य शासन की सेवानिवृत्त पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होने कहा कि निरक्षरों में अक्षर ज्ञान प्राप्त करने की अभिरूचि बढ़ाने का प्रयास हम सबको मिलकर करना होगा, तभी साक्षर भारत कार्यक्रम को सफलता मिलेगी।

उन्होंने इस अवसर पर प्रतिभागियों से साक्षर भारत कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए उत्साहपूर्वक कार्य करने का आग्रह किया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि देश में काफी प्रयासों के बाद साक्षरता के लिए जनजागरूकता आई है। अब आम जनता में साक्षर होने की ललक साफ दिखाई दे रही है। अब ऐसा लगता है कि कोई व्यक्ति साक्षर होना चाहता है। इसीलिए साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृध्दि दर्ज हुई है। साक्षर भारत कार्यक्रम का क्रियान्वयन ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर जिन असाक्षर लोंगो के लिए किया जा रहा है, उनके पढ़ने-लिखने और ज्ञान की निरंतरता के लिए विशेष कार्य किए जा सकते हैं। निरक्षर व्यक्तियों में अक्षर ज्ञान अभिरूचि पैदा हो और उनमें शिक्षा की निरतंरता बनी रहे, ऐसे प्रयास किये जाने चाहिए।
डॉ. मिश्रा ने महिलाओं पर विशेष रूप से केन्द्रित साक्षर भारत कार्यक्रम के क्रियान्वयन में स्त्रोत व्यक्तियों के प्रशिक्षण को जरूरी बताते हुए कहा कि इससे स्त्रोत व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक श्री प्रशांत पाण्डेय ने साक्षर भारत कार्यक्रम की छत्तीसगढ़ में शुरूआत के बाद से अब तक की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ग्राम स्तर पर किए जाने वाले सूक्ष्म नियोजन के माध्यम से साक्षर भारत कार्यक्रम के लिए वातावरण निर्माण, निरक्षरों के चिन्हांकन तथा स्वयंसेवकों व प्रेरकों के चयन में ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। राज्य स्त्रोत समूह के संकाय प्रमुख श्री हिमांशु झा ने कहा कि साक्षर भारत कार्यक्रम गांवों का कार्यक्रम है। ग्रामीणों की सहभागिता से इस कार्यक्रम को शतप्रतिशत सफल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण और जन शिक्षण संस्थान के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

