साक्षर भारत कार्यक्रम : स्त्रोत व्यक्तियों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न
रायपुर, 25 मई 2011
साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत प्रदेश के आठ जिलों के चयनित स्त्रोत व्यक्तियों का छह दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण यहां राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् कार्यालय में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में साक्षर भारत कार्यक्रम के लिए तैयार कार्य योजना के क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दुओं की
जानकारी प्रशिक्षणार्थियों को दी गई। इसमें बिलासपुर, बस्तर, रायगढ़, राजनांदगांव, नारायणपुर, बीजापुर, उत्तर बस्तर (कांकेर) और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के स्त्रोत व्यक्ति शामिल हुए।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में उपस्थित राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक एवं सदस्य सचिव श्री के.आर.पिस्दा ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि साक्षरता के विकास के लिए साक्षर भारत कार्यक्रम नये स्वरूप का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसे एक मिशन के रूप में संचालित किया जाना है। कार्यक्रम के लिए चयनित स्त्रोत व्यक्तियों और कार्यकर्ताओं को इसके उद्देश्यों की स्पष्ट समझ और प्रक्रियाओं की समुचित जानकारी होनी चाहिए। स्त्रोत व्यक्तियों का प्रशिक्षण साक्षर भारत कार्यक्रम को सफल बनाने में उपयोगी होगा। श्री पिस्दा ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत नवसाक्षर व्यक्तियों का कौशल उन्नयन करने का लक्ष्य अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। इससे साक्षरता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हाेंगे। श्री पिस्दा ने साक्षर भारत कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी, उत्साहजनक वातावरण और सुनियोजित कार्ययोजना की जरूरत पर जोर दिया। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक श्री प्रशांत पाण्डेय ने स्त्रोत व्यक्तियों के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।

