लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार वित्त बजट पारदर्शिता पर छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर

बजट पारदर्शिता पर छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर

What
When Apr 06, 2011
from 07:00 PM to 07:00 PM
Add event to calendar vCal
iCal

राज्य बजट पारदर्शिता पर अध्ययन दस्तावेज विमोचित

रायपुर, 6 अप्रैल 2011

100-060411

बजट निर्माण प्रक्रिया पारदर्शिता की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के दस प्रथम राज्यों में तीसरे स्थान पर है। यह निष्कर्ष स्वतंत्र संस्था संकेत विकास समूह द्वारा सेन्टर फार बजट इन गवर्नमेंट एकाउण्टेबिलिटी (सी.बी.जी.ए.) के सहयोग से किए गए एक अध्ययन रिपोर्ट में निकला है। आज यहां नवीन विश्राम गृह में छत्तीसगढ़ में राज्य बजट पारदर्शिता पर संकेत संस्था द्वारा जारी अध्ययन दस्तावेज का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सदस्य राज्य योजना आयोग श्री पी.पी. सोती, प्रमुख सचिव वित्त एवं योजना श्री अजय सिंह, सदस्य सचिव राज्य योजना आयोग श्री पी.सी. मिश्रा, सी.बी.जी.ए. तथा संकेत के पदाधिकारी उपस्थित थे।
    इस अवसर पर सदस्य राज्य योजना आयोग श्री सोती ने बजट पारदर्शिता में छत्तीसगढ़ की उपलब्धता पर वित्त विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आर्थिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ राज्य प्रदेश में सामाजिक आर्थिक विकास के लिए कटिबध्द है। श्री सोती ने राज्य के अलावा नगरीय निकायों के साथ पंचायत  स्तर तक ऐसे अध्ययन की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रमुख सचिव वित्त श्री अजय सिंह ने कहा कि बजट की पारदर्शिता पर 10 राज्यों के अध्ययन रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान मिलना अत्यंत प्रसन्नता की बात है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के मात्र दस वर्षों में यह उपलब्धि अपने आप में महत्वपूर्ण है। श्री सिंह ने कहा कि इस अध्ययन रिपोर्ट में दिए गए सुझाव उपयोगी है, जिन्हें अन्य राज्यों से संपर्क कर प्रक्रियाओं को और भी बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेरहवें वित्त आयोग की सभी शर्तों को पालन करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जो पूरी तरह पारदर्शिता से संबंधित है। श्री सिंह ने सी.बी.जी.ए. तथा संकेत संस्था को बजट पारदर्शिता के क्षेत्र में किए गए अध्ययन के लिए बधाई दी। राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव श्री मिश्रा ने बजट संबंधी  अध्ययन में मानव संसाधन की उपलब्धता पर भी ध्यान दिए जाने की बात कही।
    इस अवसर पर सी.बी.जी.ए. के श्री निरांचल आचार्य, संकेत के श्री देवकांत त्रिपाठी तथा परियोजना समन्वयक सुश्री पल्लवी के. माली ने बजट पारदर्शिता अध्ययन पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि बजट पारदर्शिता के लिए वित्तीय वर्ष 2009-10 को लिया गया है। यह अध्ययन भारत के दस राज्यों उत्तरप्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड़ गुजरात, छत्तीसगढ़,असम और आंध्रप्रदेश में किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ ने राज्य बजट पर बेहतर कार्यप्रणाली व जानकारी के साथ प्रमुख दस राज्यों में शीर्ष से तीसरा स्थान प्राप्त किया है। पहला स्थान गुजरात तथा दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला है। बजट पारदर्शिता का आंकलन जिन बिन्दुओं के आधार पर किया गया है उनमें राज्य बजट पत्रों/दस्तावेजों/रिपोर्ट तथा अन्य बजट से संबंधित जानकारी की उपलब्धता, बजट की उपलब्धता जानकारी और सूचना की स्पष्टता एवं पूर्णता/बजट की सहज समझ और प्रस्तुतिकरण का ढंग/बजट पर सामयिक जानकारी की उपलब्धता, आडिट व कार्य कुशलता का आकलन, विधायी परीक्षण की गुंजाइस, शोषित वंचित समूह के लिए बजट पर कार्य प्रणाली तथा आर्थिक विकेन्द्रीकरण से संबंधित कार्य प्रणाली शामिल है। भारत के दस प्रमुख राज्यों में बजट पारदिर्शता पर अध्ययन इसी परिप्रेक्ष्य में किया गया है। 

क्रमांक-100/परिहार
« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031