छत्तीसगढ़ के दो हजार से अधिक हजार हाट-बाजारों में मनाया गया चावल उत्सव
राशनकार्ड धारकों को 4.44 लाख क्विंटल से अधिक अनाज वितरित
रायपुर 14 जून 2010
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य दुकानों में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए साप्ताहिक हाट बाजारों में हर महीने चावल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के समय क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा नामांकित नोडल अधिकारी उपस्थित रहते हैं। चावल उत्सव में राशनकार्ड धारक परिवारों को चावल के साथ-साथ गेहूं, शक्कर, छत्तीसगढ़ अमृत नमक और मिट्टी तेल के अलावा वृध्दावस्था पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भी वितरण किया जाता है। इसी कडी में विगत मई माह में भी राज्य के दो हजार 434 हाट बाजारों में चावल उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें दो लाख 56 हजार तीन सौ राशनकार्ड धारकों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा चयनित नोडल अधिकारियों के सामने तीन लाख 62 हजार 212 क्विंटल चावल, 82 हजार 165 क्विंटल गेहूं, 12 हजार 402 क्विंटल शक्कर, 24 हजार 681 क्विंटल अमृत नमक और 2 लाख एक हजार 567 लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया। इसके अलावा हाट बाजारों में चावल उत्सव के दिन ही वृध्दावस्था के एक हजार 558 और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 865 हितग्राहियों को उनकी पेंशन राशि का भी वितरण किया गया।
खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश में चावल उत्सव आयोजन के लिए निश्चित दिन तय किए गए हैं। साप्ताहिक हाट बाजारों वाले गांवों की उचित मूल्य दुकानों में हर महीने की छह तारीख के बाद प्रथम साप्ताहिक हाट बाजारों में तथा शेष उचित मूल्य दुकानों में सात तारीख को इसका आयोजन किया जाता है। चावल उत्सव के सफल आयोजन के लिए जिलों में प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानों के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं नगरीय निकाय क्षेत्राें में वार्ड पार्षदों की उपस्थिति में चावल उत्सव का आयोजन किया जाता है। चावल उत्सव में राशन सामग्री के वितरण के साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ भी नागरिकों को उपलब्ध कराया जाता है।
अधिकारियाें ने बताया कि चावल उत्सव के दौरान कबीरधाम (कवर्धा) जिले में छह हजार पांच क्विंटल चावल, 829 क्विंटल गेहूं, 203 क्विंटल शक्कर, 638 क्विंटल अमृत नमक, 25 हजार 825 लीटर मिट्टी तेल, कोरबा में 154 क्विंटल चावल, 45 क्विंटल गेहूं, सात क्विंटल शक्कर, एक क्विंटल अमृत नमक, 798 लीटर मिट्टी तेल, कोरिया (बैकुंठपुर) 862 क्विंटल चावल, एक क्विंटल गेहूं, एक क्विंटल शक्कर, एक क्विंटल अमृत नमक, 150 लीटर मिट्टी तेल, जशपुर में 12 हजार 656 क्विंटल चावल, एक हजार 729 क्विंटल गेहूं, 972 क्विंटल शक्कर, एक हजार 62 क्विंटल अमृत नमक, पांच हजार 243 लीटर मिट्टी तेल, जांजगीर-चांपा में तीन हजार 78 क्विंटल चावल, एक हजार 96 क्विंटल गेहूं, 210 क्विंटल शक्कर, 435 क्विंटल अमृत नमक, 6 हजार 515 लीटर मिट्टी तेल, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) में 525 क्विंटल चावल, 130 क्विंटल गेहूं, 93 क्विंटल शक्कर, 38 क्विंटल अमृत नमक, एक हजार 847 लीटर मिट्टी तेल, दुर्ग में 913 क्विंटल चावल, 381 क्विंटल गेहूं, 64 क्विंटल शक्कर, 80 क्विंटल अमृत नमक, एक हजार 663 लीटर मिट्टी तेल, नारायणपुर में तीन सौ क्विंटल चावल, 133 क्विंटल गेहूं, 19 क्विंटल शक्कर, 14 क्विंटल अमृत नमक, चार हजार 724 लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया।
इसी तरह बस्तर (जगदलपुर) जिले में एक हजार 515 क्विंटल चावल, 509 क्विंटल गेहूं, 133 क्विंटल शक्कर, 115 क्विंटल अमृत नमक, नौ हजार 15 लीटर मिट्टी तेल, बीजापुर में 672 क्विंटल चावल, 145 क्विंटल गेहूं, 29 क्विंटल शक्कर, 51 क्विंटल अमृत नमक, दो हजार 870 लीटर मिट्टी तेल, महासमुन्द में 11 हजार 30 क्विंटल चावल, दो हजार 251 क्विंटल गेहूं, 568 क्विंटल शक्कर, दो हजार दो क्विंटल अमृत नमक, 43 हजार 689 लीटर मिट्टी तेल, राजनांदगांव में तीन हजार 135 क्विंटल चावल, 395 क्विंटल गेहूं, 82 क्विंटल शक्कर, 386 क्विंटल अमृत नमक, 22 हजार 114 लीटर मिट्टी तेल, रायगढ़ में दो हजार 802 क्विंटल चावल, 37 क्विंटल गेहूं, 131 क्विंटल शक्कर, 167 क्विंटल अमृत नमक, 18 हजार 721 लीटर मिट्टी तेल, रायपुर में दो लाख 33 हजार 217 क्विंटल चावल, 69 हजार 331 क्विंटल गेहूं, 8 हजार 912 क्विंटल शक्कर, 18 हजार 186 क्विंटल अमृत नमक, 26 हजार 458 लीटर मिट्टी तेल और सरगुजा (अंबिकापुर) जिले में 85 हजार 347 क्विंटल चावल, पांच हजार 153 क्विंटल गेहूं, 979 क्विंटल शक्कर, एक हजार 505 क्विंटल अमृत नमक एवं 31 हजार 935 लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया है।

