किसानों को अब तक 524 करोड़ रूपए से ज्यादा ऋण वितरित
रायपुर 26 जून 2011
राज्य शासन की नीति के तहत खरीफ फसलों की खेती के लिए छत्तीसगढ़ के किसानों को चालू मौसम के दौरान अब तक 524 करोड़ रूपए से अधिक राशि का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष के खरीफ मौसम में इसी अवधि में 333 करोड़ 57 लाख रूपए का ऋण किसानों को दिया गया था। इस प्रकार चालू खरीफ सीजन में अब तक वितरित अल्प कालीन ऋण राशि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना 190 करोड़ 60 लाख रूपए से भी अधिक है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से राज्य के किसान सिर्फ तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर खेती के लिए खाद और बीज के साथ-साथ नगद राशि भी ऋण के रूप में ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक ने खरीफ मौसम के लिए एक अप्रैल 2011 से ऋण बांटने का कार्य प्रारंभ किया है। राज्य शासन द्वारा चालू खरीफ वर्ष में किसानों को एक हजार पांच सौ करोड़ रूपए का ऋण बांटने का लक्ष्य हैं इस लक्ष्य के विरूध्द इस माह की 25 तारीख तक किसानों को 524 करोड़ 17 लाख रूपए का ऋण वितरण कर लिया गया है। प्रदेश के किसानों को यह ऋण साठ प्रतिशत नगद और चालीस प्रतिशत वस्तु (खाद-बीज) आदि के रूप में किसान क्रेडिट कार्डों पर दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले के किसानों ने सर्वाधिक 107 करोड़ 83 लाख रूपए का ऋण लिए हैं। दूसरे क्रम पर रायपुर जिले के किसानों ने 93 करोड़ 30 लाख रूपए और तीसरे क्रम पर कबीरधाम (कवर्धा) जिले के किसानों ने 63 करोड़ 17 लाख रूपए का ऋण लिए हैं। इसी प्रकार महासमुंद जिले के किसानों ने 30 करोड़ 36 लाख रूपए, धमतरी जिले के किसानों ने बारह करोड़ 57 लाख रूपए, राजनांदगांव जिले के किसानों ने 57 करोड़ 79 लाख रूपए, बस्तर जिले के किसानों ने पन्द्रह करोड़ 96 लाख रूपए, नारायणपुर जिले के किसानों ने 56 लाख रूपए, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के किसानों ने तेरह करोड़ 55 लाख रूपए, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के किसानों ने पन्द्र हलाख रूपए, बीजापुर जिले के किसानों ने 32 लाख रूपए का ऋण लिए हैं। बिलासपुर जिले के किसानों ने 58 करोड़ 21 लाख रूपए, जांजगीर-चाम्पा जिले के किसानों ने 47 करोड़ 45 लाख रूपए, कोरबा जिले के किसानों ने सात करोड़ 52 लाख रूपए, रायगढ़ जिले के किसानों ने चार करोड़ 55 लाख रूपए, जशपुर जिले के किसानों ने 25 लाख रूपए, सरगुजा जिले के किसानों ने नौ करोड़ 32 लाख रूपए और कोरिया जिले के किसानों ने एक करोड़ 44 लाख रूपए नगद और वस्तु के रूप में खेती के लिए ऋण लिए हैं।

