उपार्जन केन्द्रों में अब तक 5.67 लाख मीटरिक टन से अधिक धान की आवक
धान खरीदी में रायपुर जिला सबसे आगे
छत्तीसगढ़ की एक हजार 333 प्राथमिक सहकारी साख समितियों के एक हजार 883 उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। समर्थन मूल्य नीति के तहत चालू खरीफ विपणन वर्ष 2011-12 में इन उपार्जन केन्द्रों में किसानों से अब तक पांच लाख 67 हजार 958 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की जा चुकी है। अब तक सबसे अधिक एक लाख 49 हजार 961 मीटरिक टन धान की आवक रायपुर जिले की सहकारी समितियों में दर्ज की गयी है, जबकि दुर्ग जिला दूसरे स्थान पर है, जहां अब तक एक लाख 28 हजार 143 मीटरिक टन धान की आवक विभिन्न समितियों में दर्ज की गयी है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि चालू खरीफ विपणन वर्ष के अन्तर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य इस महीने की पांच तारीख अर्थात पांच नवम्बर 2011 से चल रहा है। विभिन्न जिलों से यहां मार्कफेड मुख्यालय में संकलित जानकारी के अनुसार कबीरधाम (कवर्धा) जिले में 8 हजार 796 मीटरिक टन, उत्तर बस्तर (कांकेर) में 10 हजार 558 मीटरिक टन, कोरबा में 792 मीटरिक टन, कोरिया (बैकुण्ठपुर) में एक हजार 39 मीटरिक टन, जशपुर में एक हजार 250 मीटरिक टन, जांजगीर-चांपा में तीन हजार 812 मीटरिक टन, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) में 95 मीटरिक टन, दुर्ग में एक लाख 28 हजार 143 मीटरिक टन, धमतरी में 80 हजार 569 मीटरिक टन, बस्तर (जगदलपुर) में एक हजार 11 मीटरिक टन, नारायणपुर में 56 मीटरिक टन, बिलासपुर में 30 हजार 252 मीटरिक टन, महासमुन्द में 90 हजार 901 मीटरिक टन, राजनांदगांव में 43 हजार 30 मीटरिक टन, रायगढ़ में 14 हजार 172 मीटरिक टन, रायपुर में एक लाख 49 हजार 961 मीटरिक टन और सरगुजा (अम्बिकापुर) जिले में अब तक तीन हजार 519 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की जा चुकी है।

