उपार्जन केन्द्रों में अब तक चार लाख मीटरिक टन से अधिक धान की आवक
भारतीय खाद्य निगम के संग्रहण केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश
खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव ने वीडियो कांन्फ्रेंसिग के जरिए धान खरीदी और राशन कार्डों के नवीनीकरण के बारे में जानकारी प्राप्त की
रायपुर, 26 नवंबर 2010

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य नीति के तहत चालू खरीफ विपणन वर्ष 2010-11 के लिए 50 लाख मीटरिक टन धान उपार्जन का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान उपार्जन का कार्य विगत एक नवम्बर से प्रदेश के एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के एक हजार 585 केन्द्रों से किया जा रहा है, जो आगामी 31 जनवरी 2011 तक चलेगा, जबकि लिंकिंग योजना के तहत खरीदी का यह सिलसिला 15 फरवरी 2011 तक चलेगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित राशन कार्डों के नवीनीकरण का कार्य विगत 25 अक्टूबर से किया जा रहा है, जो आगामी चार दिसम्बर तक किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड ने आज यहां मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिग के जरिए जिला कलेक्टरों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित राशन कार्डों का नवीनीकरण और राइस मिलों के पंजीचन के अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। श्री ढांड ने जिला कलेक्टरों से कहा कि राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उन्हें किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। इसका पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य नीति के तहत राज्य के एक हजार 587 उपार्जन केन्द्रों में अब तक चार लाख 26 हजार 515 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की गई है।
श्री ढांड ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2010-11 में भारतीय खाद्य निगम को दस लाख मीटरिक टन धान प्रदाय किए जाएंगे। इसमें उनके संग्रहण केन्द्रों को प्रतिदिन लगभग 20 हजार मीटरिक टन धान दिया जाएगा। उन्होंने कलेक्टरों को भारतीय खाद्य निगम के संग्रहण केन्द्रों में डनेज, केप कवर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था यथाशीघ्र करने के निर्देश दिए। श्री ढांड ने राज्य के राइस मिलों के पंजीयन के बारे में कहा कि अब तक 732 राइस मिलों का पंजीयन किया जा चुका है। राज्य के शेष मिलों का पंजीयन शीघ्र किया जाए और मिलर्स पंजीयन शीघ्र कर उन्हें धान उठाने की अनुमति दिया जाए। धान उपार्जन की मात्रा को देखते हुए उपार्जन केन्द्रों से एक या अधिक मिलर्स को संलग्न किया जाए और मिलर्स का चावल नागरिक आपूर्ति निगम या भारतीय खाद्य निगम में त्वरित गति से जमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों के फड़ के आकार में वृध्दि की जाए, ताकि किसानों के धान के तौल हेतु पर्याप्त स्थान मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को आगामी 15 दिसम्बर तक धान का उसना मिलिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
श्री ढांड ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित राशन कार्डों के नवीनीकरण के संबंध में कहा कि राशन कार्डों का नवीनीकरण नियमानुसार ही किया जाए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ के अधिकारियों ने बताया कि कबीरधाम (कवर्धा) जिले के 71 उपार्जन केन्द्रों में चार हजार 901 मीटरिक टन, उत्तर बस्तर (कांकेर) के 105 उपार्जन केन्द्रों तीन हजार 901, कोरबा के 33 उपार्जन केन्द्रों 414, कोरिया (बैकुण्ठपुर) के 17 उपार्जन केन्द्रों में 142, जशपुर के 18 उपार्जन केन्द्रों में 236, जांजगीर-चाम्पा के उपार्जन केन्द्रों में 155 उपार्जन केन्द्रों में दो हजार 848, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) के 36 उपार्जन केन्द्रों में 36 और दुर्ग जिले के 191 उपार्जन केन्द्रों में 89 हजार 645 मीटरिक टन धान की आवक अब तक दर्ज की गयी है। धमतरी जिले के 70 उपार्जन केन्द्रों में 53 हजार सात मीटरिक टन, जगदलपुर (बस्तर) के 106 उपार्जन केन्द्रों में एक हजार 169, बिलासपुर के 153 उपार्जन केन्द्रों में 15 हजार 881, महासमुंद के 93 उपार्जन केन्द्रों में 85 हजार 773, राजनांगांव के 99 उपार्जन केन्द्रों में 37 हजार 857, रायगढ़ के 85 उपार्जन केन्द्रों में 19 हजार 34, रायपुर के 276 उपार्जन केन्द्रों में एक लाख 10 हजार 890 और सरगुजा (अम्बिकापुर ) जिले के 79 उपार्जन केन्द्रों में 881 मीटरिक टन धान की आवक अब तक दर्ज की जा चुकी है। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण के सचिव श्री प्रदीप पंत, भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक श्री संदीप श्रीवास्तव, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक संचालक श्री कौशलेन्द्र सिंह, राज्य भंडारगृह निगम के प्रबंध संचालक श्री जितेन कुमार सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

