समितियों में अब तक 5.19 लाख मीटरिक टन से अधिक धान की आवक
रायपुर 29 नवम्बर 2010
छत्तीसगढ़ की एक हजार 333 प्राथमिक सहकारी समितियों के एक हजार 587 उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। समर्थन मूल्य नीति के तहत चालू खरीफ विपणन वर्ष 2010-11 में इन उपार्जन केन्द्रों में किसानों से अब तक पांच लाख 19 हजार 158 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की जा चुकी है। अब तक सबसे अधिक एक लाख 34 हजार 804 मीटरिक टन धान की आवक रायपुर जिले की 276 सहकारी समितियों में दर्ज की गई है। दुर्ग जिला एक लाख चार हजार 297 मीटरिक टन धान खरीदी के साथ दूसरे स्थान पर है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि चालू खरीफ विपणन वर्ष के अन्तर्गत राज्य में समर्थन मूल्य नीति पर धान खरीदी का कार्य विगत नवम्बर 2010 से चल रहा है। विभिन्न समितियों से यहां राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) मुख्यालय में संकलित जानकारी के अनुसार अब तक महासमुन्द जिले में एक लाख दो हजार 463 मीटरिक टन, धमतरी में 65 हजार 998 मीटरिक टन, राजनांदगांव में 43 हजार 379 मीटरिक टन, रायगढ़ में 25 हजार 605 मीटरिक टन, बिलासपुर में 19 हजार 10 मीटरिक टन, उत्तर बस्तर (कांकेर) में सात हजार 18 मीटरिक टन, कबीरधाम (कवर्धा) में छह हजार 125 मीटरिक टन, जांजगीर-चांपा में पांच हजार 946 मीटरिक टन, बस्तर (जगदलपुर) में दो हजार 156 मीटरिक टन, कोरबा में 913 मीटरिक टन, सरगुजा (अम्बिकापुर) में 846 मीटरिक टन, कोरिया (बैकुण्ठपुर) 294 मीटरिक टन, जशपुर में 268 मीटरिक टन और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) में 36 मीटरिक टन धान की आवक अब तक दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि सामान्य (कॉमन) धान एक हजार रूपए और ग्रेड-ए धान एक हजार तीस रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके अलावा राज्य शासन द्वारा एक नवम्बर से सहकारी समितियों के माध्यम से उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान के लिए प्रति क्विंटल 50 रूपए की दर से बोनस राशि देने का निर्णय लिया है। इसका भुगतान किसानों को एरियर्स के रूप में नये वित्तीय वर्ष 2011-12 में किया जाएगा।

