छत्तीसगढ़ में रसोई गैस के ग्यारह लाख उपभोक्ता
एकल सिलेण्डर वालों को पात्रता के अनुसार अब डबल सिलेण्डर
प्रमुख सचिव ने तेल कम्पनियों के अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश
रायपुर 10 फरवरी 2010
छत्तीसगढ़ में घरेलू रसोई गैस (एल.पी.जी.) के एकल सिलेण्डर धारक उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार नियमों के तहत डबल सिलेण्डर दिया जाएगा। राज्य में एकल और डबल सिलेण्डर वाले उपभोक्ताओं की संख्या ग्यारह लाख तक पहुंच गयी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड़ ने आज शाम यहां मंत्रालय में तेल कम्पनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य में घरेलू रसोई गैस की वितरण एवं उपलब्धता की समीक्षा कीे। इस अवसर पर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के अधिकारी, रायपुर एवं दुर्ग जिले के खाद्य नियंत्रक भी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव ने उनसे कहा कि रसोई गैस के पंजीकृत एकल और डबल कनेक्शन धारक उपभोक्ताओं की संख्या के अनुरूप हर महीने घरेलू रसाई गैस की मांग के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
श्री ढांड़ ने कहा कि राज्य में उपभोक्ताओं के लिए घरेलू रसोई गैस की कमी नहीं है। मांग के अनुरूप घरेलू रसोई गैस सिलेण्डर की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने तेल कम्पनियों के अधिकारियों से कहा कि घरेलू रसोई गैस के सिंगल सिलेण्डर वाले उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार नियमों के तहत डबल सिलेण्डर जरूर दिया जाए। श्री ढांड ने घरेलू रसोई गैस का ढाबों, होटलों, वाहनों, व्यवसायिक परिसरों में दुरूपयोग करने वालों के विरूध्द आकस्मिक जांच का अभियान चलाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। श्री ढांड ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी घरेलू रसोई गैस का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए।
प्रमुख सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ग्यारह लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 154 डीलरों के माध्यम से घरेलू रसोई गैस का वितरण किया जा रहा है। इनमें इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के 80 डीलरों द्वारा छह लाख, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन के 48 डीलरों द्वारा तीन लाख 65 हजार तथा भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के 26 डीलरों द्वारा एक लाख 83 हजार उपभोक्ता शामिल हैं। श्री ढांड ने ग्रामीणों को भी घरेलू रसोई गैस उपलब्धता के लिए राजीव गांधी ग्रामीण एल.पी.जी वितरण योजना की भी समीक्षा की। बैठक में तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि राजीव गांधी ग्रामीण एल.पी.जी. वितरण योजना के तहत विकासखण्ड मुख्यालयों में 38 वितरण केन्द्र बनाये गए हैं। इन केन्द्रों के प्रारंभ हो जाने पर ग्रामीणों को भी घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

