ढाई हजार से अधिक हाट-बाजारों में मनाया गया चावल उत्सव
जन-प्रतिनिधियों के सामने 2.68 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारकों ने उठाया अनाज, शक्कर और मिट्टी तेल
रायपुर, 15 दिसम्बर 2010
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पिछले माह ढाई हजार से ज्यादा साप्ताहिक हाट-बाजारों में चावल उत्सव मनाया गया, जहां उचित मूल्य दुकानों में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में दो लाख 68 हजार से ज्यादा राशन कार्डधारकों को स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और शासन
द्वारा नामांकित नोडल अधिकारियों के सामने दो लाख 81 हजार 291 क्विंटल चावल, 80 हजार 95 विंवटल गेहूं, 15 हजार 398 क्विंटल शक्कर, 20 हजार 695 क्विंटल अमृत नमक और दो लाख 44 हजार 539 किलो लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया। इसके अलावा चावल उत्सव के दिन ही वृध्दावस्था के 962 और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 681 राशनकार्ड धारकों को उनकी मासिक पेंशन राशि का भी वितरण किया गया।
खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश में चावल उत्सव आयोजन के लिए हर माह के निश्चित दिन तय कर दिए गए हैं। साप्ताहिक हाट-बाजारों वाले गांवों की उचित मूल्य दुकानों में हर महीने की छह तारीख के बाद प्रथम साप्ताहिक हाट-बाजारों में तथा शेष उचित मूल्य दुकानों में सात तारीख को इसका आयोजन किया जाता है। चावल उत्सव के सफल आयोजन के लिए जिलों में प्रत्येक उचित मूल्य दुकानों के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में वार्ड पार्षदों की उपस्थिति में चावल उत्सव का आयोजन किया जाता है। चावल उत्सव में राशन सामग्री वितरण के साथ-साथ अन्य विभागों के योजनाओं का भी लाभ राशन कार्ड धारकों को उपलब्ध कराया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि चावल उत्सव के दिन कबीरधाम (कवर्धा) जिले में एक हजार 632 क्विंटल चावल, 500 क्विंटल गेहूं, 66 क्विंटल शक्कर, 121 क्विंटल नमक और सात हजार 192 किलो लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया। कोरिया (बैकुण्ठपुर) जिले में एक हजार 142 क्विंटल चावल, 596 क्विंटल गेहूं, 64 क्विंटल शक्कर, 99 क्विंटल नमक, नौ हजार 880 किलो लीटर मिट्टी तेल, जशपुर में ग्यारह हजार 132 क्विंटल चावल, दो हजार 230 क्विंटल गेहूं, 504 क्विंटल शक्कर, 733 क्विंटल नमक, 120 किलोलीटर मिट्टी तेल, जांजगीर-चाम्पा में चार हजार 357 क्विंटल चावल, एक हजार 947 क्विंटल गेहूं, 267 क्विंटल शक्कर, 631 क्विंटल नमक, 36 हजार 400 किलो लीटर मिट्टी तेल, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) में एक सौ क्विंटल चावल, 12 क्विंटल गेहूं, चार क्विंटल नमक, पांच क्विंटल अमृत नमक, छह सौ किलो लीटर मिट्टी तेल, धमतरी में 301 क्विंटल चावल, 93 क्विंटल गेहूं, 93 क्विंटल शक्कर, 94 क्विंटल नमक, एक हजार 786 किलो लीटर मिट्टी तेल, बस्तर (जगदलपुर) में 30 क्विंटल चावल, नौ क्विंटल गेहूं, दो क्विंटल शक्कर, दो क्विंटल नमक और 211 किलो लीटर मिट्टी तेल वितरण किया गया।
बीजापुर में 527 क्विंटल चावल, 92 क्विंटल गेहूं, 27 क्विंटल शक्कर, 31 क्विंटल नमक, तीन हजार 457 किलो लीटर मिट्टी तेल, महासमुंद छह हजार 789 क्विंटल चावल, एक हजार 920 क्विंटल गेहूं, 340 क्विंटल शक्कर, 708 क्विंटल नमक, 44 हजार 142 किलो लीटर मिट्टी तेल, राजनांदगांव में 613 क्विंटल चावल, 168 क्विंटल गेहूं, 28 क्विंटल शक्कर, 45 क्विंटल नमक, छह हजार 470 किलो लीटर मिट्टी तेल, रायगढ़ में एक हजार 129 क्विंटल चावल, 257 क्विंटल गेहूं, 120 क्विंटल शक्कर, 153 क्विंटल नमक, एक हजार 708 किलो लीटर मिट्टी तेल, रायपुर में दो लाख 35 हजार 138 क्विंटल चावल, 70 हजार 14 क्विंटल गेहूं, 13 हजार 48 क्विंटल शक्कर, 16 हजार 847 क्विंटल नमक, 66 हजार 799 किलो लीटर मिट्टी तेल और सरगुजा (अम्बिकापुर) जिले में 18 हजार 402 क्विंटल चावल, दो हजार 256 क्विंटल गेहूं, 835 क्विंटल शक्कर, एक हजार 225 क्विंटल नमक एवं 65 हजार 774 किलो लीटर मिट्टी तेल का वितरण किया गया।

