समितियों में अब तक 27.14 लाख मीटरिक टन से अधिक धान की आवक
रायपुर, 08 जनवरी 2011
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य नीति के तहत सहकारी समितियों के एक हजार 586 उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक में दिनों-दिन वृध्दि हो रही है। इन केन्द्रों में इस माह की छह तारीख तक 27 लाख 14 हजार 521 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की गई है। इनमें से 15 लाख 80 हजार 549 मीटरिक टन कॉमन (सामान्य) धान और 11 लाख 33 हजार 972 मीटरिक टन ग्रेड-ए धान शामिल है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के एक हजार 586 उपार्जन केन्द्रों में कॉमन (सामान्य) धान एक हजार रूपए और ग्रेड-ए धान एक हजार तीस रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर किसानों की ऋण पुस्तिका के आधार पर खरीदी जा रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सबसे अधिक छह लाख 29 हजार 516 मीटरिक टन धान की आवक रायपुर जिले में दर्ज की गई है। दूसरे क्रम पर दुर्ग जिले में चार लाख 48 हजार 314 मीटरिक टन और तीसरे क्रम पर महासमुन्द जिले में तीन लाख 47 हजार 837 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की गई है। इसी प्रकार कबीरधाम (कवर्धा) जिले में 19 हजार 313 मीटरिक टन, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में 76 हजार 390 मीटरिक टन, कोरबा जिले में 25 हजार 533 मीटरिक टन, कोरिया जिले में सात हजार 85 मीटरिक टन, जशपुर जिले में आठ हजार 654 मीटरिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में दो लाख 28 हजार 318 मीटरिक टन, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में दो हजार 984 मीटरिक टन, बीजापुर जिले में एक हजार 738 मीटरिक टन, धमतरी जिले में दो लाख 72 हजार 361 मीटरिक टन, बस्तर जिले में 37 हजार 660 मीटरिक टन, नारायणपुर जिले में एक हजार 186 मीटरिक टन, बिलासपुर जिले में एक लाख 53 हजार 414 मीटरिक टन, राजनांदगांव जिले में एक लाख 93 हजार 784 मीटरिक टन, रायगढ़ जिले में एक लाख 96 हजार 296 मीटरिक टन और सरगुजा जिले में 34 हजार 138 मीटरिक टन धान की आवक दर्ज की गई है।

