नाप-तौल उपकरणों की जांच : छत्तीसगढ़ में 2.34 करोड़ रूपए की राजस्व वसूली
नापतौल प्रभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
रायपुर, 6 अप्रैल 2011
राज्य शासन के निर्देश पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की नाप तौल प्रभाग द्वारा नाप तौल उपकरणों के नियमित सत्यापन नहीं कराने वाले व्यापारियों से वित्तीय वर्ष 2010-11 में दिए गए लक्ष्य दो करोड़ 25 लाख के विरूध्द दो करोड़ 34 लाख रूपए की राजस्व वसूली की गई है। वहीं बाट एवं माप अधिनियमों के उल्लघंन करने वाले व्यापारियों के विरूध्द दर्ज एक हजार 861 प्रकरणों में सात लाख 29 हजार रूपए की राशि वसूली की गई। नाप तौल नियंत्रक श्री दिलीप वासनीकर की अध्यक्षता में यहां नाप तौल प्रभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह बैठक रायपुर स्थित कार्यालय नियंत्रक नाप तौल आम बगीचा सुंदर नगर में आयोजित की गई।
बैठक में श्री वासनीकर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश में एक अप्रैल 2011 से नए विधिक माप विज्ञान अधिनियम प्रभावशील है। इस अधिनियम के तहत जुर्माने की राशि में वृध्दि की गई है। इस अधिनियम के तहत नापतौल उपकरणों के पंजीयन नहीं कराने वाले व्यापारियों पर विभाग के अधिकारियों द्वारा अब चार हजार रूपए का जुर्माना किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत बांट-माप, बीम स्केल, टेप लम्बाई मापी एवं काउंटर मशीनों का सत्यापन प्रत्येक दो वर्ष में एवं स्टोरेज टैंक का सत्यापन पांच वर्ष में एक बार किया जाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त जो भी बांट-माप है जिसमें टैंकलारी भी सम्मिलित है, एक वर्ष में पुन: सत्यापन एवं मुद्रांकन किया जाना आवश्यक है। श्री वासनीकर ने बताया कि विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अंतर्गत विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम 2011, विधिक मापविज्ञान (पैकेज बंद) नियम 2011, विधिक मापविज्ञान (मॉडल एप्रूवल) नियम 2011, विधिक माप विज्ञान (राष्ट्रीय मानक) नियम 2011, विधिक मापविज्ञान (संख्यान) नियम 2011 तथा विधिक मापविज्ञनन (प्रशिक्षण संस्थान) नियम 2011 तथा छत्तीसगढ़ विधिक माप विज्ञान (प्रर्वतन) नियम 2011 प्रभावशील है।
श्री वासनीकर ने कहा कि नाप-तौल प्रभाग के अधिकारी हाट-बाजारों, दुकानों, पेट्रोल पम्पों और तौल उपकरणों का नियमित जांच करें, ताकि उपभोक्ताओं के हितों पर किसी प्रकार का विपरित प्रभाव न पड़े। उन्होंने आकस्मिक जांच हेतु गठित उड़नदस्ते को और अधिक सक्रिय करने और अधिकारियों को नए वित्तीय वर्ष में और अधिक सजगता और सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में नापतौल प्रभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

