तेन्दूपत्ता मजदूरों के बच्चों को अब डॉक्टरी, इंजीनियरिंग और कानून की पढ़ाई के लिए मिलेगी छात्रवृत्ति
8वीं, 10वीं और 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को मिलेगा पुरस्कार
शिक्षा प्रोत्साहन योजना की शुरूआत
रायपुर, 06 जून 2011
छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता तोड़ने वाले ग्रामीण परिवारों के बच्चों को अब डाक्टरी, इंजीनियरिंग और कानून की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी वहीं आठवीं, दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालें छात्रों को नगद पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप प्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे की बेहतर पढ़ाई के लिए वन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 से एक नई योजना 'शिक्षा प्रोत्साहन योजना' की शुरूआत की गयी है।
वन विभाग से सम्बध्द छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (विपणन एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के एैसे बच्चों को जिन्होंने इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानून की शिक्षा के अलावा एम. बी. ए. आदि व्यवसायिक पाठयक्रमों में जिनमें न्यनूतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं उत्तीर्ण है, में प्रवेश लिया है उन्हें यह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसमें चयनित छात्रों को प्रथम वर्ष में दस हजार रुपए, द्वितीय तथा बाद के वर्षों में पांच-पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। इस प्रकार चार वर्षों में कुल 25 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। विद्यार्थियों का चयन प्रतिवर्ष प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। समितियों में एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर उस छात्र का चयन किया जाएगा जिसने बारहवीं की कक्षा में सबसे अधिक अंक प्राप्त किया है। इस योजना में छात्रवृत्ति के लिए पहलें, तीसरें, और पांचवें आदि वर्ष छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगे। दूसरें और चौथें आदि वर्षो में छात्राओं के लिए कोई आरक्षण नहीं रहेगा। यदि किसी वर्ष कोई विद्यार्थी का चयन नहीं होता है तो उसे आगामी वर्षों में ले लिया जाएगा। लेकिन छात्रा हेतु आरक्षित वर्ष में किसी भी पात्र छात्रा के उपलब्ध नहीं होने पर छात्र का चयन किया जाएगा। छात्रवृत्ति का भुगतान छात्रों को व्यावसायिक पाठयक्रमों के प्रवेश शुल्क जमा करने के पश्चात् अकाउण्ट पेयी बैंक चेक के माध्यम से किया जाएगा।
इस योजना के तहत प्राथमिक समिति स्तर पर ही प्रतिवर्ष आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को अलग-अलग क्रमश: दो हजार, ढाई हजार और तीन हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह पुरस्कार वर्ष 2011 के परीक्षा परिणामों के आधार पर प्रदान किया जाएगा। इस योजना के लिए संग्राहक परिवार उसे माना जाएगा जिनके द्वारा विगत तीन वर्षो में कम से कम दो वर्षो में प्रत्येक वर्ष कम से कम पांच सौ गड्डी तेन्दूपत्ता तोड़ा गया हो। छात्रवृत्ति योजना का लाभ दूसरे और आगे के वर्षो में तब मिलेगा जब विद्यार्थी द्वारा पूर्व की परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किया गया हो और उसके परिवार के द्वारा न्यूनतम पांच सौ गड्डी तेन्दूपत्ता संग्रहण किया गया हो। छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए छात्र-छात्राएं अपना आवेदन प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के कार्यालय में 31 अगस्त तक जमा कर सकते है। इसी तरह पुरस्कार योजना के लिए विद्यार्थियों को 30 जून तक आवेदन करना होगा। प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिक सहकारी समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पोषक अधिकारी और प्रबंधक की चार सदस्यीय समिति द्वारा विचार कर परिक्षेत्र अधिकारी को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। परिक्षेत्र अधिकारी 15 दिनों के भीतर अपने निर्णय से समिति को अवगत कराएंगे। यदि एक समिति का क्षेत्र एक से अधिक परिक्षेत्र क़ा है तो यह प्रस्ताव उस परिक्षेत्र अधिकारी को भेजा जाएगा जिसमें कि उस समिति का मुख्यालय स्थित है।

