छत्तीसगढ़ के वनवासियों को साल-बीज से हुई 2.85 करोड़ रूपए की आमदनी
राज्य के जंगलों से अब तक 57 हजार क्विंटल साल-बीजों की आवक
रायपुर 24 जून 10
छत्तीसगढ़ के जंगलों में चालू मौसम के दौरान वनवासियों ने अब 57 हजार क्विंटल साल-बीजों का संग्रहण कर अपने लिए दो करोड़ 85 लाख रूपए से ज्यादा राशि का पारिश्रमिक सुनिश्चित कर लिया है। प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से उन्हें इस पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। अब तक 81 लाख 94 हजार रूपए से ज्यादा राशि उन्हें दी जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को इन दिनों साल-बीजों के संग्रहण में भी मौसमी रोजगार मिल रहा है। यह उनकी अतिरिक्त आमदनी का भी एक बेहतर जरिया साबित हो रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि विभिन्न समितियों के संग्रहण केन्द्रों में आज दिनांक तक 57 हजार क्विंटल साल-बीजों की आवक हो चुकी है। इसके लिए संग्रहणकर्ता वनवासियों को पांच रूपए प्रति किलो की दर से पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। इस हिसाब से अब तक संग्रहित साल-बीजों के लिए उन्हें दो करोड़ 85 लाख रूपए से अधिक राशि मिल रही है। पारिश्रमिक भुगतान के लिए जिला लघु वनोपज संघों को अब तक 2 करोड़ 55 लाख रूपए का आवंटन जारी किया जा चुका है। सबसे ज्यादा 43 हजार 743 क्विंटल साल-बीजों की आवक जगदलपुर वन मंडल जिला यूनियन की समितियों में दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान दक्षिण कोण्डागांव वन मंडल में 8 हजार 277 क्विंटल, उत्तर कोण्डागांव वन मंडल में 286 क्विंटल, जगदलपुर वन मंडल में 43 हजार 743 क्विंटल, सुकमा वन मण्डल में चार हजार क्विंटल, पूर्वी भानुप्रतापपुर वन मण्डल में 296 क्विंटल, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 13 क्विंटल, पूर्वी रायपुर वन मण्डल में 78 क्विंटल और रायगढ़ वन मण्डल में 250 क्विंटल साल बीजों की आवक विभिन्न प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के संग्रहण केन्द्रों में दर्ज की गई है। इस साल दो लाख 47 हजार 550 क्विंटल साल बीज संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है।

