शिक्षा प्रोत्साहन योजना : तेन्दूपत्ता मजदूरों के बच्चे भी बनेंगे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील
रायपुर, 8 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण करने वाले ग्रामीण मजदूर परिवारों के बच्चे भी अब डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बन सकेंगे। वे प्रबंधन की शिक्षा भी ग्रहण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर उनके लिए वन विभाग द्वारा पहली बार ऐसी योजना बनाई गई है, जिसके माध्यम से उन्हें इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा सहित कानून तथा एम.बी.ए आदि विषयों की शिक्षा के लिए भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। चयनित छात्रों को पढ़ाई के दौरान 25 हजार रुपए तक छात्रवृत्ति मिलेगी। वन विभाग से सम्बध्द छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (विपणन एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा इसके लिए 'शिक्षा प्रोत्साहन योजना' के नाम से एक नयी योजना प्रारंभ की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों का चयन प्राथमिक वनोपज सहकारी संस्था स्तर पर किया जाएगा। प्रदेश में नौ सौ से अधिक प्राथमिक वनोपज सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए चयनित विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में दस हजार रुपए, द्वितीय तथा बाद के वर्षों में पांच-पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। इस प्रकार चार वर्षों में उन्हें 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। समितियों में एक से अधिक आवेदन मिलने पर ऐसे छात्र का चयन किया जाएगा जिसने बारहवीं की कक्षा में सबसे अधिक अंक हासिल किया हो। इस योजना के अंतर्गत प्रथम, तृतीय, पंचम आदि वर्ष में छात्रा वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे। द्वितीय एवं चतुर्थ आदि वर्ष में छात्राओं के लिए कोई आरक्षण नहीं रहेगा। यदि किसी वर्ष भी विद्यार्थी का चयन नहीं होता है तो उसे आगामी वर्षों में ले लिया जाएगा। लेकिन छात्रा हेतु आरक्षित वर्ष में किसी भी पात्र छात्रा के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में छात्र का चयन किया जाएगा।
इसके अलावा समिति स्तर पर ही कक्षा आठवीं, कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाले छात्र और छात्राओं को अलग-अलग क्रमश: दो हजार, ढाई हजार और तीन हजार रुपए की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि वन विभाग द्वारा जनश्री बीमा योजना के हितग्राहियों के कक्षा नवमीं से बारहवीं तक और आई.टी.आई में अध्ययनरत बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना पहले से ही संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में दिसम्बर माह की 31 तारीख तक 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों को दो करोड़ 33 लाख रुपए की छात्रवृत्ति वितरित की गई है।

