लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार वन छत्तीसगढ़ के वनवासियों को साल-बीज से हुई 2.29 करोड़ रूपए की आमदनी

छत्तीसगढ़ के वनवासियों को साल-बीज से हुई 2.29 करोड़ रूपए की आमदनी

What
When Jul 27, 2011
from 02:45 PM to 02:45 PM
Add event to calendar vCal
iCal

राज्य के जंगलों से अब तक 30 हजार क्विंटल से अधिक साल-बीजों की आवक

रायपुर 27 जुलाई 2011

छत्तीसगढ़ के जंगलों में चालू मौसम के दौरान वनवासियों ने अब तक 30 हजार 534 क्विंटल साल-बीजों का संग्रहण कर अपने लिए दो करोड़ 29 लाख रूपए से ज्यादा राशि का पारिश्रमिक सुनिश्चित कर लिया है। प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से उन्हें इस पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। अब तक 61 लाख पांच हजार रूपए से ज्यादा राशि उन्हें दी जा चुकी है। इस वर्ष प्रदेश में दो लाख 23 हजार दो सौ क्विंटल साल-बीज संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। प्रतिकूल मौसम होने के कारण इस वर्ष समितियों के संग्रहण केन्द्रों में साल-बीज की आवक कम हो रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि विभिन्न समितियों के संग्रहण केन्द्रों में आज दिनांक तक 30 हजार 534 क्विंटल साल-बीजों की आवक हो चुकी है। इसके लिए संग्रहणकर्ता वनवासियों को साढ़े सात रूपए प्रति किलो की दर से पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। इस हिसाब से अब तक संग्रहित साल-बीजों के लिए उन्हें दो करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक राशि मिल रही है। पारिश्रमिक भुगतान के लिए जिला लघु वनोपज संघों को अब तक  एक करोड़ 91 लाख रूपए का आवंटन जारी किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को इन दिनों साल-बीजों के संग्रहण में भी मौसमी रोजगार मिल रहा है। यह उनकी अतिरिक्त आमदनी का भी एक बेहतर जरिया साबित हो रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान दक्षिण कोण्डागांव वन मंडल में तीन हजार 717 क्विंटल, उत्तर कोण्डागांव वन मंडल में तीन हजार 466 क्विंटल, जगदलपुर वन मंडल में चार हजार 440 क्विंटल, सुकमा वन मण्डल में 417 क्विंटल, पूर्वी भानुप्रतापपुर वन मण्डल में 465 क्विंटल, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 13 क्विंटल, नारायणपुर वन मण्डल में एक हजार 174 क्विंटल, कांकेर वन मण्डल में 95 क्विंटल, कवर्धा वन मण्डल में एक हजार 11 क्विंटल, धमतरी वन मण्डल में 390 क्विंटल, उदन्ती वन मण्डल में 117 क्विंटल, पूर्वी रायपुर वन मण्डल में 337 क्विंटल,धर्मजयगढ़ वन मण्डल में 50 क्विंटल, जशपुरनगर वन मण्डल में सात हजार 618 क्विंटल, कोरिया वन मण्डल में 565 क्विंटल, दक्षिण सरगुजा वन मण्डल में चार हजार 543 क्विंटल, पूर्वी सरगुजा वन मण्डल में एक हजार 722 क्विंटल और उत्तर सरगुजा में 352 क्विंटल साल बीजों की आवक विभिन्न प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के संग्रहण केन्द्रों में दर्ज की गई है।

क्रमांक-1956/पटेल



« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031