लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार वन छत्तीसगढ़ में इस वर्ष खुलेंगी 292 नयी वन चौकियां : श्री उसेण्डी

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष खुलेंगी 292 नयी वन चौकियां : श्री उसेण्डी

What
When Apr 02, 2011
from 04:20 PM to 04:20 PM
Add event to calendar vCal
iCal

   रायपुर, 02 अप्रैल 2011

जंगलों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में 'वन चौकियां' स्थापित किए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में प्रदेश में 292 नयी 'वन चौकियां' खोली जाएंगी। पुलिस चौकी की भांति इन चौकियों का कार्य-कलाप होगा। वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने आज यहां बताया कि प्रत्येक 'वन चौकी' के अंतर्गत साठ वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र की सुरक्षा का दायित्व होगा।
    वन मंत्री श्री उसेण्डी ने बताया कि जंगलों के सुरक्षा की वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत लगभग दस वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के एक बीट की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक वनरक्षक की होती है। किन्तु वामपंथ उग्रवाद और अंतर्राज्यीय काष्ठ तस्करी के चलते राज्य में वनों की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि वन चौकी का प्रभारी उप वन क्षेत्रपाल या वरिष्ठ वनपाल होगा, जहां समस्त वनरक्षकों को एक साथ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें रखा जाएगा। इन चौकियों से ही जंगलों में सामूहिक गश्त की जाएगी तथा वनों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इन चौकियों में नई सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। एक चौकी पर एक उप वन क्षेत्रपाल, एक वनपाल और पांच-छह वनरक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। श्री उसेण्डी ने कहा कि प्रदेश में प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित 22 वनमण्डलों में इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन वनमण्डलों में 292 वन चौकियों की स्थापना की जाएगी। वन मंत्री ने उम्मीद जताई कि नई सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत जंगलों की सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ कर्मचारियों में भी सुरक्षा की भावना पैदा करने में मदद मिलेगी।

क्रमांक-26/पटेल




« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031