जंगली हाथी समस्या:वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी के नेतृत्व में अधिकारी आज से दक्षिण भारत के अध्ययन दौरे पर
रायपुर 16 नवम्बर 2010
जंगली हाथियों की समस्या के अध्ययन के लिए वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़
सरकार के वन विभाग के दो अधिकारी कल 17 नवम्बर से एक सप्ताह के लिए दक्षिण भारत के दौरे पर रवाना हो रहा है। वे अपने प्रवास के दौरान 17 नवम्बर से 23 नवम्बर 2010 तक कर्नाटक और केरल के जंगली हाथी बहुल क्षेत्रों का दौरा कर हाथियों से उत्पन्न समस्याओं और उनके निदान के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए उपायों का अध्ययन करेगा। प्रतिनिधि मण्डल में छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री राम प्रकाश और सरगुजा वन वृत (वन्य प्राणी ) के मुख्य वन संरक्षक श्री शेट्टी पन्नावर शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि दक्षिण भारत के कर्नाटक और केरल जैसे राज्य में छत्तीसगढ़ की अपेक्षा ज्यादा जंगली हाथी मौजूद हैं। इसके बावजूद वहां हाथियों और वहां के रहवासियों के बीच आपसी सामंजस्य बना हुआ है और लोगों को अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है। वन मंत्री के नेतृत्व में अधिकारी अपनी सप्ताह भर की यात्रा के दौरान वहां के रहवासियों और अधिकारियों से मिलकर इस तालमेल और सामंजस्य का अध्ययन करेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार वन मंत्री श्री उसेण्डी कल पूर्वान्ह 11.25 बजे जेट विमान से हैदराबाद (आन्ध्रप्रदेश) होते हुए शाम 4.50 बजे बैंगलुरू पहुंचेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे। दूसरे दिन 18 नवम्बर और 19 नवम्बर को कर्नाटक के बांदीपुर हाथी अभ्यारण्य क्षेत्र का भ्रमुण करेंगे। बीस नवम्बर को केरल के वायनाड हाथी अभ्यारण्य जाएंगे और काबिनी जंगल रिसार्ट में रात्रि विश्राम करेंगे। इक्कीस नवम्बर को नागरहोल राष्ट्रीय पार्क एरिया का दौरा कर जंगली हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच सह-अस्तित्व के संबंध में चर्चा करेंगे। इसके बाद वन मंत्री श्री उसेण्डी 22 नवम्बर को वापस लौटते हुए बैंगलुरू के समीप बानरघट्टा जीव उद्यान और जंगली हाथी प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और रात्रि विश्राम बैंगलुरू में करेंगे। तेईस नवम्बर को दोपहर 1.10 बजे जेट एयरवेज से वन मंत्री श्री उसेण्डी रायपुर वापस आएंगे।

