जंगली हाथी समस्या : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने बांदीपुर हाथी अभ्यारण्य क्षेत्र का दौरा किया
रायपुर, 20 नवम्बर 2010
जंगली हाथियों की समस्या के अध्ययन के लिए दक्षिण भारत के प्रवास पर गए वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने आज कर्नाटक के बांदीपुर हाथी अभ्यारण्य का भ्रमण किया। श्री उसेण्डी ने वहां हाथियों से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गए उपायों का अवलोकन किया और स्थानीय लोगों से मिलकर
उनसे चर्चा भी की। वन मंत्री ने अभ्यारण्य के अंतर्गत ओंकार वन परिक्षेत्र के दो पर्यावरण विकास समिति के सदस्यों और स्थानीय निवासियों से चर्चा की । स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों हाथियों द्वारा उनके घरों और लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि फसलों का नुकसान जरूर होता है, किन्तु इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जाता है। वन मंत्री ने अधिकारियों के साथ हाथियों से बचाव के लिए जंगलों के किनारे खोदे गए एलीफेन्ट प्रूफ ट्रेन्च और सोलर फेंन्सिग व्यवस्था का भी अवलोकन किया। कर्नाटक सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री बी.के. सिंह ने वन मंत्री से मुलाकात कर वहां जंगली हाथियों की समस्या से निपटने के लिए की गई व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया। वन मंत्री श्री उसेण्डी के साथ इस दौरे में छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री राम प्रकाश और सरगुजा वन वृत (वन्य प्राणी ) के मुख्य वन संरक्षक श्री शेट्टी पन्नावर शामिल हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री उसेण्डी कल इक्कीस नवम्बर को नागरहोल राष्ट्रीय पार्क एरिया का दौरा कर जंगली हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच सह-अस्तित्व के संबंध में चर्चा करेंगे। इसके बाद वन मंत्री श्री उसेण्डी 22 नवम्बर को वापस लौटते हुए बैंगलुरू के समीप बानरघट्टा जीव उद्यान और जंगली हाथी प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और रात्रि विश्राम बैंगलुरू में करेंगे। वन मंत्री श्री उसेण्डी तेईस नवम्बर को दोपहर 1.10 बजे जेट एयरवेज से रायपुर वापस आएंगे।

