वनों की अवैध कटाई और अवैध शिकार की सूचना देने वालों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ेगी : श्री उसेंडी
वनमंत्री ने लगभग सवा करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमि पूजन
लगभग एक सौ हितग्राहियों को मिला तेंदूपत्ता बोनस और बीमा योजना की क्षतिपूर्ति राशि
जंगलों में होने वाली अवैध कटाई और वन्य प्राणियों के अवैध शिकार की सूचना देने वालों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि जल्द ही बढ़ाई जाएगी। इस विषय में राय सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। यह जानकारी वनमंत्री श्री विक्रम उसेंडी ने आज दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के वन काष्ठागार में
तेंदूपत्ता संग्राहकों को दिए जाने वाले बोनस वितरण कार्यक्रम के दौरान दी। श्री उसेंडी ने इस अवसर पर विभिन्न वनोपज समितियों के तहत् लगभग सवा करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास भी किया। वनमंत्री ने कार्यक्रम में लगभग एक सौ हितग्राहियों को तेंदूपत्ता बोनस और जनश्री बीमा योजना के तहत् क्षतिपूर्ति राशि के रूप में लगभग सवा छह लाख रूपए के धनादेश भी वितरीत किए। श्री उसेंडी ने भैरमगढ़ के दो स्व-सहायता समूहाें को अगरबत्ती निर्माण इकाई के लिए सामग्री का भी वितरण किया। कार्यक्रम में संसदीय सचिव श्री महेश गागड़ा, स्थानीय विधायक श्री भीमा मंडावी, जिला लघुवनोपज संघ के अध्यक्ष श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत दंतेवाड़ा के अध्यक्ष श्रीमती जमुना मांझी, वनसंरक्षक श्री श्रीनिवास राव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पी.दयानंद, वनमंडलाधिकारी श्री विवेक आचार्य और वरिष्ठ नागरिक श्री विजय तिवारी, अनूप सूद सहित विभिन्न लघुवनोपज समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री उसेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह के नेतृत्व में वनो के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ वनवासियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। श्री उसेंडी ने कहा कि अब लघुवनोपज समितियों के माध्यम से क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूहों को भी वनोपज खरीदी के लिए बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रचलित बाजार दरों पर वनोपज खरीदी के सबंध में निर्णय लेने का संपूर्णं अधिकार भी इन स्व-सहायता समूहों को होगा। उन्होंने कहा कि राय सरकार ने पिछले सात सालों में तेंदूपत्ता की राशि चार सौ पचास रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर सात सौ रूपए प्रति मानक बोरा कर दी है। साथ ही इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्राहकों को 94 करोड़ रूपए बोनस के रूप में वितरीत किए जा रहे हैं। इसके साथ ही जनश्री बीमा योजना के तहत् तेंदूपत्ता तोड़ने वाले परिवारों के मुखिया की सामान्य या किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को 20 हजार रूपए से 50 हजार रूपए तक क्षतिपूर्ति राशि भी दी जा रही है। श्री उसेंडी ने दंतेवाड़ा जिले के वनक्षेत्रों में मिलने वाले कुसुम के वृक्षों पर लाख उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी राय सरकार द्वारा व्यापक प्रयास करने की जानकारी दी। उन्होंने लघुवनोपज समितियों को तेंदूपत्ता संग्रहण तक की सीमित ना रहते हुए अन्य रोजगार मूलक कार्य करने की भी सलाह दी और इन कार्यों के लिए राय सरकार की ओर से हर संभव सहायता और सहयोग देने का भी आश्वासन दिया।

