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छत्तीसगढ़ 2010 : वन विभाग की उपलब्धियां

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तेन्दूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ा : लाभांश भी मिला

वनग्रामों के कोटवारों को राजस्व कोटवारों के बराबर मानदेय

वन्य प्राणियों के हमलों से नुकसान पर मुआवजा बढ़ा

रायपुर, 29 दिसम्बर 2010

5410-291210वनों के संरक्षण और संवर्धन तथा वनवासियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के दृष्टि से कैलेण्डर वर्ष 2010 छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा। राज्य की धरती को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में 'हरियर छत्तीसगढ़' महा अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत आम जनता की सक्रिय भागीदारी से राज्य में विभिन्न प्रजातियों के छह करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। प्रदेश के साढ़े 12 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए तेन्दूपत्ता संग्रहण मूल्य 650 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 700 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस वर्ष 15 अक्टूबर को डोंगरगांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के इन 5410-2-291210मेहनतकश तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए वर्ष 2009 के प्रोत्साहन लाभांश वितरण अभियान की शुरूआत की। इसके अन्तर्गत लगभग 94 करोड़ 27 लाख रूपए का प्रोत्साहन लाभांश (बोनस) प्रदेश भर में वितरित किया गया। वन-ग्रामों के कोटवारों का मानदेय बढ़ाकर राजस्व ग्रामों के कोटवारों के बराबर किया गया। वन्य प्राणियों के हमले से नुकसान होने पर दी जाने वाली मुआवजा राशि भी बढ़ा दी गई है। वन्यप्राणियों के हमलों से पीड़ित होने वालों के लिए राज्य सरकार ने राहत राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया। राज्य के वन और वनवासियों के विकास के लिए कैलेण्डर वर्ष 2010 में रमन सरकार के वन विभाग द्वारा लिए गए फैसलों और शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं की तारीखवार झलक यहां प्रस्तुत है:-
  • 27 जनवरी :     वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी की अध्यक्षता में यहां मंत्रालय में वनोपज अंतर्विभागीय समिति की बैठक आयोजित। बैठक में औद्योगिक बाँस के विक्रय संबंधी प्रस्तावों का अनुमोदन।  ' जनवरी : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय वन खेल कूद प्रतियोगिता (चंडीगढ़) में पदक विजेता छत्तीसगढ़ वन विभाग के 74 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। पदक विजेताओं को इस वर्ष से नगद राशि से सम्मानित करने का निर्णय। स्वर्ण पदक विजेता को 10 हजार, रजत पदक विजेता को सात हजार और कांस्य पदक विजेता को पांच हजार रुपए देने का ऐलान।
  • 10 फरवरी : वन मंत्री की अध्यक्षता में रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड की बैठक आयोजित। औषधीय पौधों में सक्रिय अवयवों की जांच के लिए दुर्ग में शासकीय बिसनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अनुसंधान केन्द्र खोलने का निर्णय।
  • 14 मार्च :     वन विभाग द्वारा रायपुर में चार दिवसीय राष्ट्रीय 'आरोग्य मेला सह प्रदर्शनी' आयोजित। प्रदर्शनी का शुभारंभ वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने किया। औषधीय पादपों के संरक्षण, विपणन और पेटेन्टिंग विषय पर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विषय विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
  • 17 मार्च :     वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने विधानसभा में तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में 50 रुपए प्रति मानक बोरा वृध्दि का ऐलान किया। तेन्दूपत्ता की खरीदी अब 650 रुपए प्रति मानक बोरा की जगह 700 रुपए प्रति मानक बोरा। प्रदेश के साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिला लाभ।
  • 30 मार्च : छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के संचालक मण्डल की बैठक में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधकों का वेतन  350 रुपए प्रति माह बढ़ाने का फैसला। प्रबंधकों का वेतन बढ़कर अब 3,850 रुपए प्रति माह हुआ। इससे प्रदेश के नौ सौ प्रबंधकों को मिला फायदा।
  • 08 अप्रैल : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी की अध्यक्षता में मंत्रालय में राज्य स्तरीय लाख पालन समिति की बैठक आयोजित। बैठक में लोक निजी सहभागिता के आधार पर उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के ग्राम नवांगांव-भावगीर में लाख प्रसंस्करण केन्द्र खोलने का निर्णय।
  • 09 अप्रैल : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने रायपुर वन मण्डल के देवपुर वन परिक्षेत्र के मुख्यालय देवपुर में 2010 के लिए राज्य स्तरीय चरणपादुका वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस वर्ष तेरह लाख 76 हजार संग्राहकों को चरणपादुका योजना का फायदा मिलेगा।
  • 29 अप्रैल : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने पूर्वी रायपुर वन मण्डल के अंतर्गत पाण्डुका परिक्षेत्र के मुख्यालय पाण्डुका में छत्तीसगढ़ के प्रथम हाइटेक वनोपज नाका का उद्धाटन किया। लकड़ी चोरी सहित वन अपराध रोकने में यह प्रभावकारी साबित होगा। राज्य के सभी 35 अंतर्राज्यीय वनोपज नाका हाईटेक किए जाएंगे।
  • 30 अप्रैल : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंत्रालय में क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के तहत स्वीकृत वन विकास कार्यों की समीक्षा की। डॉ. सिंह ने कहा कि कैम्पा के तहत राज्य में ऐसी कार्ययोजना तैयार किया जाए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की तरह देश में छत्तीसगढ़ का कैम्पा मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बना सके। मुख्यमंत्री ने बैठक में वनवासियों के लिए रोजगार मूलक कार्य लेने के निर्देश दिए।
  • 11 जून  : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर में आयोजित वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक में राज्य को हरा भरा बनाने के लिए 'हरियर छत्तीसगढ़' महा अभियान की घोषणा की। मानसून में सवा छह करोड़ पौधे लगाने का निर्णय। स्थानीय नवीन विश्राम गृह भवन में आयोजित अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री ने इसकी तैयारियों की समीक्षा की। महा अभियान में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और नागरिकों को भागीदार बनाने का निर्णय। ' 13 जून : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने अचानकमार अभ्यारण्य के गांवों का अचानक दौरा किया। अचानकमार टायगर रिजर्व के कोर एरिया में छह वनग्रामों को समीप क्षेत्रों में व्यवस्थापित किया गया है। वन मंत्री ने पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। विस्थापितों की बसाहटों के लिए एक एम्बूलैंस प्रदान करने की घोषणा। ' 14 जून :     वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी की अध्यक्षता  में छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड की बैठक आयोजित। औषधीय पौधों की खेती के लिए दस हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का निर्णय। रायपुर और बिलासपुर रेल्वे स्टेशनों में वनौषधि विक्रय केन्द्र खोलने का निर्णय।
  • 17 जुलाई : हरियर छत्तीसगढ़ महा अभियान के तहत नयी राजधानी में एक ही दिन में एक लाख पौधे लगाए गए। राज्यपाल श्री शेखर दत्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समाज के सभी वर्ग के लोगों ने इस अभियान में भागीदारी निभाई।
  • 22 सितम्बर: जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाने पर दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाई गई। अब जानवरों के हमले से मौत होने पर डेढ़ लाख के बदले दो लाख रुपए, स्थायी रूप से अपंग होने पर पचास हजार रुपए के जगह 75 हजार रुपए, घायल होने पर अधिकतम दस हजार रुपए के बदले अधिकतम 20 हजार तथा पशु हानि होने पर अधिकतम 15 हजार रुपए मुआवजा राशि दिया जाएगा।
  • 12 अक्टूबर : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने राजधानी रायपुर में 'कैम्पा विजन 2020' तैयार करने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में अगले दस वर्ष अर्थात् 2020 तक के लिए विजन दस्तावेज तैयार करने विचार-विमर्श किया गया। ' 15 अक्टूबर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय तेन्दूपत्ता लाभांश (बोनस) वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह लाभांश तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2009 के लिए है। इस वर्ष लाभांश के रूप में बारह लाख वनवासी परिवारों को 94.27 करोड़ रुपए लाभांश मिलेगा। ' 22 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के जंगलों में पैदा होने वाले गोंद और हर्रा खरीदी के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाया गया। गोंद का मूल्य चार से पांच हजार रुपए प्रति क्विंटल और हर्रा का मूल्य 75 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया। वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी की अध्यक्षता में मंत्रालय में वनोपज अंतर्विभागीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
  • 02 नवम्बर : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने राजधानी रायपुर में वन मण्डल परिसर में सजीवनी मार्ट के समीप 'बांस एम्पोरियम' का लोकार्पण किया। राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत निर्मित इस एम्पोरियम में प्रदेश के बांस शिल्पियों द्वारा निर्मित फर्नीचर और कला सामग्रियां आम जनता की खरीदी और प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध। संयुक्त वन प्रबंधन योजना की क्रियाकलापों पर आधारित छह वीडयो सीडी और एक आडियो सीडी का विमोचन किया। ' 17 नवम्बर : वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारी जंगली हाथियों की समस्याओं के अध्ययन के लिए सप्ताह व्यापी कर्नाटक और केरल यात्रा पर गए।
  • 07 दिसम्बर : वन विभाग द्वारा वन ग्रामों के कोटवारों का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी। यह वृध्दि एक अक्टूबर 2010 से प्रभावशील। सेवाभूमि की उपलब्धता के आधार पर कोटवारों को चार श्रेणियों में बांटकर उनका मानदेय लगभग आठ सौ रुपए से पन्द्रह सौ रुपए प्रति माह बढ़ाया गया। ' 16 दिसम्बर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक आयोजित। राज्य में जंगली हाथियों की समस्याओं से निपटने सुझाव देने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने का निर्णय ।
क्रमांक-. 5410/पटेल



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