देहरादून से आए वन अधिकारियों ने सूचना प्रोद्यौगिकी कार्यों का जायजा लिया
रायपुर, 05 जनवरी 2011
देहरादून से वानिकी कार्यों को देखने छत्तीसगढ़ आए भारतीय वन सेवा के अधिकारियों ने आज यहां वनों के संरक्षण में सूचना प्रोद्यौगिकी के उपयोग का जायजा लिया। जेल रोड स्थित वन विभाग के मुख्यालय 'अरण्य भवन' में अधिकारियों ने कम्प्यूटर नेटवर्किंग, ब्राड-बैण्ड तथा इन्ट्रानेट, वेब एप्लीकेशन, ऑन लाईन डाटा बेस का निर्माण, लैन बेस्ड डाक्यूमेन्ट, स्टोरेज सिस्टम, वन अग्नि सूचना प्रणाली, वन अग्नि रिस्क जोन की खोज, कम्प्यूटर एवं जी.आई.एस/रिमोट सेंसिंग कार्यों का अवलोकन किया। इसके साथ ही राजातालाब स्थित एफ.एन.आई.एस. डिविजन कार्यालय में अनुवीक्षण प्रणाली और सैटेलाईट आधारित वन आवरण मानचित्र की जानकारी ली।
अधिकारियों ने राज्य में तैयार किए जा रहे हर्बल उत्पाद जैसे च्यवनप्राश, शहद, त्रिफला चूर्ण, एलोवेरा, सर्पगंधा चूर्ण, आंवला, तीखुर पाउडर, बेल मुरब्बा आदि की जानकारी संजीवनी मार्ट में ली। राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत राज्य के वनांचलों में तैयार किए जा रहे फर्नीचर और सजावट के समान जैसे चटाई, सूपा, झउहा, सोफासेट,लालटेन, कुर्सी,टेबल, ट्रे, मोबाईल स्टैण्ड, कलश, ड्रेसिंग सेट सहित अन्य कलात्मक वस्तुओं का निरीक्षण बांस एम्पोरियम में किया। उन्होने एम्पोरियम में ही संयुक्त वन प्रबंधन समितियों द्वारा उत्पादित सजावट की सामग्रियों का भी अवलोकन किया। इन अधिकारियों ने वन आधारित रोजगार मूलक गतिविधियों को अपने राज्यों में भी शुरू करने की मंशा प्रकट की। इस अवसर पर संकाय सदस्य श्रीमती कंचन देवी सहित मुख्य वन संरक्षक श्री के.सी.बेवर्ता, मुख्य वन संरक्षक श्री के.सी.यादव और वन मण्डलाधिकारी सुश्री सोमा दास उपस्थित थीं।

