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कैम्पा निधि से वनवासियों के लिए होंगे रोजगारमूलक कार्य : डॉ. रमन सिंह

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित

रायपुर 30 अप्रैल 2010

593-300410

     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) के तहत केन्द्र से धनराशि प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। इसलिए इसकी एक ऐसी कार्ययोजना बनाएं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के छत्तीसगढ़ मॉडल की तरह यहां का कैम्पा मॉडल भी देश में अपनी अलग पहचान बना सके। मुख्यमंत्री आज शाम यहां मंत्रालय में राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) के तहत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
      डॉ. सिंह ने अधिकारियों को कैम्पा निधि से वनवासियों के लिए बड़े पैमाने पर सामूहिक रूप से वनीकरण, बांस रोपण, बेल, काजू तथा स्थानीय महत्व की विभिन्न उपयोगी प्रजातियों के वृक्षारोपण पर आधारित रोजगारमूलक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, उनकी आमदनी बढ़ेगी और वनों के संरक्षण और संवर्धन का उद्देश्य भी पूरा होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्थानीय वन प्रबंधन समितियों को भी शामिल किये जाएं। डॉ. सिंह ने कहा कि कैम्पा के तहत एक या दो वर्ष की नहीं बल्कि पूरे पांच वर्ष की कार्ययोजना बनायी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर से लेकर उत्तर में सरगुजा तक संपूर्ण क्षेत्र को चार अथवा पांच समूहों में चिन्हित कर लिया जाए और वहां विकास संबंधी सारी गतिविधियों के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के सलाहकार विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा सकती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक महीने के भीतर इसके लिए क्षेत्रों को चिन्हांकित कर इनकी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि चिन्हित क्षेत्रों में अलग-अलग गतिविधियों के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा सकती हैं। ये चयनित क्षेत्र टुकड़ों में नहीं बल्कि एकमुश्त दस हजार हेक्टर तक होना चाहिए। इन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा विकसित कर काजू, बेल, बांस, इमली, नारियल, शल्फी आदि के टिश्यू कल्चर पौधों का रोपण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शासकीय टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला से पौधे तैयार होने में विलंब हो रहा हो, तो निजी संस्थाओं से अपनी जरूरत के पौधे तैयार कराया जा सकता है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में वनोपजों के मूल्य संवर्धन के लिए बड़े-बड़े शीत-गृह, शेड भी बनाया जा सकता है।
      मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कैम्पा के तहत पूर्व में स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि कैम्पा फंड के तहत प्रथम किश्त के तौर पर राज्य सरकार को 123 करोड़ 21 लाख रूपए की राशि मिली है। इसमें से लगभग 66 करोड़ रुपए के विभिन्न दस मदों में कार्य स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि नई राजधानी क्षेत्र रायपुर में 150 हेक्टर क्षेत्र में बॉटनिकल गार्डन बनाया जाएगा। यह गार्डन एशिया का सबसे बड़ा बॉटनिकल गार्डन होगा। बैठक में वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी, राज्य शासन के मुख्य सचिव पी.जॉय उम्मेन, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री पी.सी.दलेई, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एन.बैजेन्द्रकुमार, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजय सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के.शर्मा, राज्य कैम्पा के सदस्य सचिव डॉ.ए.ए.बोआज उपस्थित थे।
क्रमांक 593/पटेल

 

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