लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार वन वन प्रबंधन समितियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ वन विभाग को मिला प्रथम पुरस्कार

वन प्रबंधन समितियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ वन विभाग को मिला प्रथम पुरस्कार

What
When Mar 07, 2011
from 07:55 PM to 07:55 PM
Add event to calendar vCal
iCal

समिति सदस्यों ने वन मंत्री से मुलाकात कर सौंपी शील्ड

रायपुर, 07 मार्च 2011
6470-070311

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा कोलकाता में आयोजित संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सरकार के वन विभाग को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में बेहतर योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला है। समिति सदस्यों ने आज दोपहर यहां वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी से उनके निवास में मुलाकात की और पुरस्कार के रूप में प्राप्त शील्ड और प्रमाण पत्र उन्हें दिखाया। श्री उसेण्डी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों और वन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने भी छत्तीसगढ़ में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के कार्यों की प्रशंसा की है।
    सम्मेलन का आयोजन भारतीय जैव-सामाजिक अनुसंधान एवं विकास संस्थान (इबार्ड) द्वारा कोलकाता में 23 से 27 फरवरी तक किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सहित तेरह राज्यों की संयुक्त वन प्रबंधन समितियों ने हिस्सा लिया। रायपुर वन मण्डल के अर्जुनी परिक्षेत्र के परिक्षेत्राधिकारी श्री डी.के.साहू के नेतृत्व में प्रदेश की पांच संयुक्त वन प्रबंधन समितियों ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इनमें संयुक्त वन प्रबंधन समिति धमनी वनमण्डल, रायपुर के सदस्य श्री रामनारायण यादव, संयुक्त वन प्रबंधन समिति दुगली, धमतरी वन मण्डल के सदस्य श्री मायाराम नागवंशी, सयुक्त वन प्रबंधन समिति कुल्हाड़ीघाट उदंती वन मण्डल के सदस्य श्री फूलचंद कमार, सयुक्त वन प्रबंधन समिति करियापहाड़, कांकेर वन मण्डल के सदस्य श्री नोहरसिंह शोरी और संयुक्त वन प्रबंधन समिति डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव के श्री चंद्रशेखर उइके शामिल हैं। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की गतिविधियों और उपलब्धियों की विस्तृत और शानदार प्रस्तुति दी गई। आयोजन में इन समितियों द्वारा बांस से निर्मित सामग्रियों, और 'संजीवनी 'उत्पादों की विशेष रूप से सराहना की गई। छत्तीसगढ़ के अलावा सम्मेलन में दूसरा पुरस्कार आन्ध्रदेश और तीसरा पुरस्कार बिहार को प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वनों की सुरक्षा में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ में सात हजार 887 संयुक्त वन प्रबंधन समितियां क्रियाशील हैं। इन समितियों से जुड़े साढ़े 27 लाख सदस्य मिलकर प्रदेश के लगभग 33 हजार वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र की सुरक्षा और संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

क्रमांक-6470/पटेल
« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031