छत्तीसगढ़ में इस वर्ष तीन हजार से अधिक 'वन प्रहरी' नियुक्त किए जाएंगे : वन मंत्री
रायपुर, 06 अप्रैल 2011
जंगलों की सुरक्षा और प्रबंधन में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 'वन प्रहरी योजना' का संचालन किया जाएगा। वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने आज यहां बताया कि योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में प्रदेश में तीन हजार 89 वन प्रहरियों की नियुक्तियां की जाएंगी। योजना के प्रथम चरण में राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित क्षेत्रों के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कम से कम एक शिक्षित बेरोजगार युवक को 'वन प्रहरी' के रूप में नियुक्ति दी जाएगी। श्री उसेण्डी ने बताया कि प्रत्येक वन प्रहरी को वन विभाग की ओर से तीन हजार रुपए प्रति महीने के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। प्रथम चरण में प्रदेश के सरगुजा, राजनांदगांव, कोरिया आदि नक्सल हिंसा पीड़ित में तीन हजार 89 युवाओं को वन प्रहरी के रूप में कार्य पर रखने की योजना तैयार की गई है। वनों की सुरक्षा और विकास में इन वन प्रहरियों का सहयोग लिया जाएगा। श्री उसेण्डी ने उम्मीद जताई कि इस योजना के संचालन से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही नक्सल हिंसा को नियंत्रित करने में मदद भी मिलेगी।

