बांस और चारा वृक्षारोपण के लिए 55.70 लाख रूपए स्वीकृत
रायपुर 24 मई 2010
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रायपुर जिले में सामान्य वन मंडल को धरसींवा, बिलाईगढ़, बलौदाबाजार और तिल्दा विकासखण्डों में बांस वृक्षारोपण के लिए नर्सरी बनाने और चारा प्रजाति के वृक्षारोपण के लिए 55 लाख 70 हजार रूपए मंजूर किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जिला पंचायत रायपुर ने इस राशि की प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश सामान्य वन मंडल कार्यालय रायपुर को जारी कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इसमें से विकासखण्ड धरसींवा के ग्राम माना और देवपुर सहित रायपुर के राजीव स्मृति वन में बांस के पौधों की नर्सरी विकसित करने के लिए दस-दस लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इसी उद्देश्य से विकासखण्ड बिलाईगढ़ के ग्राम गोविन्दपुर और विकासखण्ड बलौदाबाजार के ग्राम चिखली में भी दस-दस लाख रूपए की मंजूरी दी गयी है। विकासखण्ड तिल्दा के ग्राम असौंदा और सरोरा में चार प्रजाति के वृक्षारोपण के लिए दो लाख 85 हजार रूपए के हिसाब से कुल पांच लाख 70 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। सामान्य वन मंडल रायपुर के वनमण्डलाधिकारी को उपरोक्त कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि इन रोजगारमूलक कार्यो में ठेकेदारी प्रथा पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही मानव श्रम के स्थान पर वहां मशीनों का उपयोग भी प्रतिबंधित किया गया है। कार्य स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल व्यवस्था, छाया के लिए शेड और श्रमिकों के बच्चों के लिए झूला घर उपलब्ध कराने निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। क्रियान्वयन एजेंसी अर्थात् सामान्य वन मण्डल कार्यालय रायपुर को यह भी कहा गया है कि मस्टर रोल में श्रमिक का परिवार रोजगार कार्ड क्रमांक अनिवार्य रूप से अंकित करते हुए मस्टर रोल की एक प्रति संबंधित ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध करायी जाए। कार्य शुरू करने के पहले और कार्य की प्रगति के दौरान तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति फोटोग्राफी करने और फोटोग्राफ्स की एक-एक प्रति कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें से विकासखण्ड धरसींवा के ग्राम माना और देवपुर सहित रायपुर के राजीव स्मृति वन में बांस के पौधों की नर्सरी विकसित करने के लिए दस-दस लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इसी उद्देश्य से विकासखण्ड बिलाईगढ़ के ग्राम गोविन्दपुर और विकासखण्ड बलौदाबाजार के ग्राम चिखली में भी दस-दस लाख रूपए की मंजूरी दी गयी है। विकासखण्ड तिल्दा के ग्राम असौंदा और सरोरा में चार प्रजाति के वृक्षारोपण के लिए दो लाख 85 हजार रूपए के हिसाब से कुल पांच लाख 70 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। सामान्य वन मंडल रायपुर के वनमण्डलाधिकारी को उपरोक्त कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि इन रोजगारमूलक कार्यो में ठेकेदारी प्रथा पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही मानव श्रम के स्थान पर वहां मशीनों का उपयोग भी प्रतिबंधित किया गया है। कार्य स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल व्यवस्था, छाया के लिए शेड और श्रमिकों के बच्चों के लिए झूला घर उपलब्ध कराने निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। क्रियान्वयन एजेंसी अर्थात् सामान्य वन मण्डल कार्यालय रायपुर को यह भी कहा गया है कि मस्टर रोल में श्रमिक का परिवार रोजगार कार्ड क्रमांक अनिवार्य रूप से अंकित करते हुए मस्टर रोल की एक प्रति संबंधित ग्राम पंचायतों को भी उपलब्ध करायी जाए। कार्य शुरू करने के पहले और कार्य की प्रगति के दौरान तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति फोटोग्राफी करने और फोटोग्राफ्स की एक-एक प्रति कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
क्रमांक - 933/स्वराज्य

