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देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में होना आवश्यक- राज्यपाल श्री शेखर दत्त

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When Sep 03, 2010
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राज्यपाल ने अम्बिकापुर सैनिक स्कूल के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की

    रायपुर 03 सितम्बर 2010

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छत्ताीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्ता ने आज शुक्रवार को सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित सैनिक स्कूल के द्वितीय स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल बच्चों की योग्यता को सर्वोत्ताम स्तर तक ले जाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए संकल्पबध्द है। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य हैं। इन बच्चों में सद्भावना और सभी को साथ लेकर चलने का नेतृत्व विकसित होना चाहिए, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल कैडेटों द्वारा प्रस्तुत नाटक, नृत्य, गायन एवं जादू सहित प्रत्येक कार्यक्रम में परिपूर्णता की झलक देखने को मिली, जो यह सिध्द करता है कि बच्चों ने जिस कार्य को भी किया-उसमें उन्होंने सिध्दस्थता हासिल की थी। राज्यपाल को यहां गार्ड आफ ऑनर दिया गया। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया।
    राज्यपाल ने स्कूल प्रबंधन से कहा कि वे विद्यालय के बच्चों को बेहतर, आधुनिक एवं प्रत्यक्ष ज्ञान देने हेतु पर्यावरण, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, मैनेजमेन्ट, सूचना तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के स्थापित संस्थानों से समन्वय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र, कोरबा ताप विद्युत गृह, भिलाई इन्स्टीटयूट ऑफ टेक्नॉलाजी, कला एवं कृषि विश्वविद्यालय तथा वन विभाग, उद्यान विभाग आदि संस्थानों से समन्वय कर बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि सैनिक स्कूल के बच्चों को कला एवं संस्कृति का ज्ञान कराने के लिए कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ के विद्वानों का सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

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    राज्यपाल श्री दत्ता ने कहा कि सैनिक स्कूल में अध्ययनरत व निवासरत बच्चे स्वच्छता एवं अनुपयोगी सामानों के पुर्नचक्रण में बेहतर कार्य करके अपने परिवेश को तो स्वच्छ रखें ही, साथ ही अपने शहर, जिले सहित अन्य स्थानों के लिए एक मिशाल कायम करें। उन्होंने कहा कि विकसित देश के लोग भी वेस्ट मैटेरियल्स की रिसायकलिंग करके देश को आर्थिक सबलता प्रदान करते हैं, जबकि हमारे देश में लोगों के मन में वेस्ट मैटेरियल्स की रिसायकलिंग करने की इच्छा प्रबल नहीं है। उन्होंने कहा कि यथासंभव उपयोग किये गये सामानों की रिसायकलिंग का प्रयास किया जाना चाहिए, इससे आर्थिक लाभ तो प्राप्त होता ही है। साथ ही पर्यावरण भी स्वच्छ रहता है। श्री दत्ता ने कहा कि प्रकृति के प्रति हमारी श्रध्दा एवं विश्वास के कारण हमारे देश में नदी और तालाबों का नामकरण देवी-देवताओं के नाम से हुआ है। इसलिए इनकी साफ-सफाई के प्रति हमारी विशेष जवाबदेही बनती है।
    राज्यपाल ने बच्चाें को संबोधित करते हुए कहा कि मन में जिज्ञासा उत्पन्न करें तथा उत्पन्न हुई जिज्ञासा को शांत करने के लिए आवश्यक प्रश्न निर्धारित करें एवं मित्र, शिक्षक, माता-पिता सहित अन्य लोगों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा से संबंधित ज्ञान प्राप्त करना सुनिश्चित करें। उन्हाेंने कहा कि आदिकाल से अब तक हुई तरक्की मानव मन में उत्पन्न हुई जिज्ञासाओं और जिज्ञासा के फलस्वरूप प्राप्त हुए ज्ञान से ही संभव हुआ है। उन्होंने बच्चों को सैनिक स्कूल में स्थित सुव्यवस्थित पुस्तकालय, कम्प्यूटर केन्द्र, इन्टरनेट आदि का उपयोग कर नई-नई जानकारियां प्राप्त करने की समझाईश दी।
    जीवन में खेल के महत्व को बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि खेल भावना नेतृत्व के गुण को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में खेल भावना विकसित होनी चाहिए तथा लक्ष्याें की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास की भावना भी बच्चों में विकसित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बड़ों एवं शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए, क्याेंकि सम्मान देने से व्यक्ति की कोई हानि नहीं होती, बल्कि व्यक्ति दूसरों को सम्मान देकर स्वयं भी सम्मान का पात्र बन जाता है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कुछ कर गुजरने की तमन्ना होनी चाहिए तथा इसके लिए उसे काबिल और दृढ़ निश्चयी होकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति संकल्पित होना होगा।
    स्कूल के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल सूर्य प्रकाश मेमोरियल छात्रवृत्ति के 51 हजार रूपये का चेक कैडेट शुभम शेखर को दिया गया। उल्लेखनीय है कि सैनिक स्कूल के पूर्व छात्र सूर्य प्रकाश नेताम की स्मृति में यह छात्रवृत्तिा सर्वोंच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र को दी जाती है। श्री सूर्य प्रकाश नेताम जिले के प्रभारी मंत्री एवं छत्ताीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विधि एवं विधायी मंत्री श्री रामविचार नेताम के पुत्र थे। समारोह के प्रारम्भ में प्रारम्भ में प्राचार्य डॉ. महेश काण्डपाल ने महामहिम राज्यपाल के रक्षा सेवा एवं सिविल सेवा में किये गये महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब विद्यालय की दर्ज संख्या बढ़कर 222 हो गई है तथा विद्यालय में अत्याधुनिक शैक्षिक सुविधाओं के रूप में मल्टी-मीडिया प्रोजेक्ट, टच स्क्रीन बोर्ड सहित अन्य टीचिंग-लर्निगं सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में नियमित अध्ययन-अध्यापन के साथ पीटी, कराटे, योगा तथा भूमि, वायु एवं जल में भी विभिन्न अभ्यास कराये जाते हैं।
    इस अवसर पर सीतापुर विधायक श्री अमरजीत भगत, अम्बिकापुर नगरपालिक निगम के महापौर श्री प्रबोध मिंज सहित अन्य अधिकारी एवं स्कूल स्टॉफ तथा अभिभावकगण उपस्थित थे।

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