साहित्य से होती है समाज की पहचान - राज्यपाल श्री शेखर दत्त
बंगीय साहित्य संस्था का स्वर्णजयंती कार्यक्रम
रायपुर, 03 अक्टूबर 2010

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने कहा है कि साहित्य से ही समाज की पहचान होती है।, साहित्य और कला के बिना कोई भी सभ्यता विकसीत नही हुई है। राज्यपाल श्री दत्त आज दुर्ग जिले के कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में बंगीय साहित्य संस्था के स्वर्णजयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थें। इसके पूर्व उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 27 साल से प्रकाशित हो रही बंगला पत्रिका 'मध्यबेला' के विशेषांक का विमोचन किया।
राज्यपाल श्री दत्त ने इस अवसर पर कहा कि अच्छे साहित्य से ही समाज की अच्छी तस्वीर बनती है। उन्होंने कहा समाज में सहित्य का वातावरण बनाए रखना जरूरी है, जिसके साथ नए साहित्य का सृजन भी लगातार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भिलाई की बंगीय साहित्य संस्था द्वारा बंगला साहित्य का वातावरण बनाए रखने के लिए पचास सालों से लगातार किया जा रहा प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि साहित्य की ज्योति को जलाए रखना एक तरह की साधना है, जिसमें इस संस्था ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।
राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने इस अवसर पर साहित्यकार श्री ललित सुरजन, श्रीमती जया जादवानी तथा डॉ. जीवनमय दत्त का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। संस्था की ओर से राज्यपाल श्री दत्त को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।

