अपने हुनर और शिक्षा से देश का हर तबका आगे बढे - श्री शेखर दत्त
अल्पसंख्यक आयोग द्वारा प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान
राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने कहा है कि हमारे देश का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां की सभ्यता 5 हजार साल से भी अधिक पुरानी है। इसके गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ वर्तमान वैश्विक युग में विकसित देशों की अच्छाईयों और विकास के मापदंडों को अपना कर देश को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि समाज का हर एक तबका अपनी शिक्षा, हुनर और कुशलता के माध्यम से आगे बढ़े तथा हासिए के लोगों को आगे बढ़ने के हर एक संभव अवसर उपलब्ध हो।
श्री दत्त ने आज यहां राजभवन में यह उद्गार छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं प्रतिभाशाली बच्चों के सम्मान कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आयोग ने प्रतिभाशाली बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए एक अच्छा कदम उठाया है और यह प्रयास प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी किया जाना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि उनके सामने व्यापक संभावनाओं की खुला आसमान है। आज का हमारा देश युवाओं का देश है और इसे आगे बढ़ाने तथा इसके साथ-साथ समाज में सुधार लाने की जिम्मेदारी भी युवाओं सहित हम सभी पर है। उन्होंने बच्चों से कहा कि आप अपने भीतर एक अच्छे नागरिक के गुण विकसित करें और देश के उन महान विभूतियों और आदर्शो को अपनाएं, जिन्होने देश की अमूल्य सेवाएं की है, जिससे हमारा देश न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से आगे बढ़े बल्कि सभ्यता और संस्कृति की दृष्टि से भी विश्व को राह दिखाएं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. दीपक क्लॉडियस तथा सदस्य श्री दिलीप सिंह होरा सहित अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिभाशाली बच्चे और उनके पालक उपस्थित थे। कार्यक्रम के स्वागत भाषण में डॉ. दीपक क्लॉडियस ने आयोग के कार्यो के विस्तार से जानकारी दी। उन्होने बताया कि प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत माह राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रदेशों के आयोगों के बैठक में छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग की विभिन्न योजनाओं की सराहना की गई थी और यहां के अनेक कार्यो को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया था। आयोग के सदस्य श्री दिलीप सिंह होरा ने कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री सुरेन्द्र हंसपाल ने किया।
प्रतिभाओं का सम्मान

