नक्सल समस्या ग्रस्त नारायणपुर जिले में प्रदेश के नये राज्यपाल का पहला दौरा
सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए शिक्षा पर विशेष जोर
रामकृष्ण मिशन के सेवा प्रकल्पों की जमकर तारीफ
हस्त-शिल्पियों से भी मिले श्री शेखर दत्त
अधिकारियों की बैठक में लिया विकास योजनाओं का ब्यौरा
रायपुर 11 फरवरी 2010

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने आज राज्य के नक्सल समस्या से प्रभावित नारायणपुर जिले के प्रवास के दौरान जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए शिक्षा की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया। उन्होंने अधिकारियों की बैठक में कहा कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाना चाहिए। श्री दत्त ने नयी पीढ़ी के लिए शिक्षा के साथ विभिन्न व्यवसायों में कौशल उन्नयन की दृष्टि से रोजगारमूलक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के माध्यम से ऐसे पिछड़े इलाकों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए अधिकारियों को भी पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने आज नारायणपुर जिले के प्रवास के दौरान वहां शिल्प ग्राम में बांस शिल्प के कारीगरों की कलाकृतियों का अवलोकन किया। आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी उनके साथ थे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नये राज्यपाल के रूप में श्री दत्त का यह नारायणपुर जिले का पहला दौरा था। इस अवसर पर उन्होंने तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी के रूप में छत्तीसगढ़ के अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि लगभग तेईस वर्ष पहले मैं नारायणपुर आ चुका हूं। तब की तुलना में यहां अब काफी बदलाव नजर आ रहा है। राज्यपाल के साथ प्रदेश के आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी थे। रंग-बिरंगे परम्परागत परिधानों से सुसज्जित आदिवासी युवक-युवतियों की नृत्य मंडली ने अबूझमाड़िया लोकनृत्यों के साथ राज्यपाल का आत्मीय स्वागत किया। राज्यपाल श्री दत्त ने अपने प्रथम प्रवास के दौरान नारायणपुर में रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों का भी अवलोकन किया। उन्होंने आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बच्चों में रचनात्मक प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि हम सब मिलकर उन्हें प्रोत्साहन दें और उनका उचित मार्गदर्शन भी करें। राज्यपाल ने कहा कि इस दिशा में रामकृष्ण मिशन जैसी समाज सेवी संस्था द्वारा तमाम चुनौतियों के बीच किए जा रहे कार्य निश्चित रूप से सराहनीय और स्वागत योग्य हैं। श्री दत्त ने कहा कि आदिवासी इलाकों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वहां नयी पीढ़ी को शिक्षा की बेहतर से बेहतर सुविधा दी जानी चाहिए। इस दिशा में शासकीय प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी के रूप में समाज सेवी संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर संस्था के विवेकानंद आश्रम में जिले की अत्यधिक पिछड़ी अबूझमाड़िया जनजाति के बीस प्रतिभावान विद्यार्थियों को आदिम जाति विकास विभाग की ओर से दस-दस हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। श्री दत्त ने रामकृष्ण मिशन आश्रम परिसर के अस्पताल में फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्धाटन भी किया। उन्होंने संस्था द्वारा संचालित तीस बिस्तरों वाले आरोग्यधाम में मरीजों से सौजन्य मुलाकात कर उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। राज्यपाल श्री दत्त ने संस्था के शताब्दी भवन में मां शारदा देवी और स्वामी विवेकानंद के छायाचित्रों पर श्रध्दा सुमन अर्पित कर तथा दीप जला कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत के साथ विभिन्न सुरूचिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिनमें बस्तर अंचल का प्रसिध्द गौर-नृत्य भी शामिल था। राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रामकृष्ण मिशन जैसी प्रसिध्द और प्रतिष्ठित संस्था बस्तर संभाग के इस आदिवासी बहुल जिले में कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पिछले 25 वर्षों से अपने विभिन्न सेवा प्रकल्पों के जरिए लोगों की विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। संस्था के प्रयासों के उत्साह जनक नतीजे भी देखे जा रहे हैं। उन्होंने संस्था के सेवाभावी कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये लोग यहां काफी लगन, मेहनत और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। श्री दत्त ने कहा कि रामकृष्ण मिशन ने जहां भी समाज सेवा का बीड़ा उठाया है, वहां बेहतर वातावरण का भी निर्माण हुआ है। श्री दत्त ने आश्रम परिसर सहित शहर के स्वच्छ और सुन्दर पर्यावरण की भी प्रशंसा की।
श्री दत्त ने कहा कि प्रत्येक शिक्षित नागरिक अगर कम से कम एक व्यक्ति को साक्षर और शिक्षित करने का दायित्व ले, तो देश और समाज की तस्वीर बदलने में देर नहीं लगेगी। राज्यपाल ने रामकृष्ण मिशन के अवलोकन के बाद हस्त शिल्पियों के गांव 'सेवाग्राम' का भी दौरा किया, जहां उन्होंने शिल्पियों द्वारा बांस से निर्मित कलात्मक वस्तुओं सहित बेल-मेटल शिल्प की कलाकृतियों की भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने हस्त शिल्पियों से उनके कारोबार के बारे में भी बातचीत की। राज्यपाल ने बांस शिल्प परिसर में आम का एक पौधा भी लगाया और आदिवासी नर्तक दल को प्रोत्साहन राशि दी। श्री दत्त ने नारायणपुर के सर्किट हाऊस में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में उनसे जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं का भी ब्यौरा लिया। श्री दत्त ने अधिकारियों की बैठक में इस आदिवासी अंचल के विकास के लिए शिक्षा के महत्व पर विशेष रूप से बल दिया और कहा कि सर्वशिक्षा अभियान के जरिए शत-प्रतिशत बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाना चाहिए। राज्यपाल आज सवेरे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा नारायणपुर पहुंचे, जहां हेलीपेड पर कलेक्टर श्री एल.एस.केन ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। स्थानीय रक्षित पुलिस केन्द्र परिसर में राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद राज्यपाल श्री दत्त वहां से सीधे रामकृष्ण मिशन आश्रम पहुंचे, जहां 'साधु-निवास' में मिशन के पदाधिकारियों ने भी उनका हार्दिक स्वागत किया। सर्किट हाऊस में आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

