बचपन से बच्चों में बढ़ाएं विश्लेषण की क्षमता - श्री शेखर दत्त
कांगेर वैली अकादमी का छठवें वार्षिक समारोह में राज्यपाल ने दिए बच्चों के प्रश्नों के उत्तर
रायपुर, 14 दिसम्बर 2010
राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने आज यहां कांगेर वैली अकादमी के छठवें वार्षिक समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बचपन से ही बच्चों में समझ और विश्लेषण की क्षमता विकसित करने के हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए ताकि वे भविष्य की जटिल चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सके और अपने समक्ष उठने वाले कठिन प्रश्नों का समाधान करने में समर्थ बन सके।
राज्यपाल ने कहा कि छात्रों में सामाजिक मूल्यों के अनुरूप आत्मवलोकन, संवेदना, प्रतियोगिता क्षमता एवं भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है। इसी तरह उन्होंने बच्चों में जिज्ञासा क्षमता बढ़ाने तथा विद्यालयों में पाठयक्रम सहगामी क्रियाओं, वाद-विवाद, कला, संगीत सहित अन्य विषयों में शिक्षित करने पर जोर दिया। श्री दत्त ने अभिभावकों से आग्रह करते हुए कहा कि बच्चों को संस्कृति एवं पारिवारिक संस्कारों से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चे कल के भविष्य हैं और ज्ञान एवं संस्कारों से उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में छात्रों की उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई एवं धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री शेखर दत्त से छात्रों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने के छत्तीसगढ़ राज्य के
विद्यार्थियों का भविष्य, जगार की उपयोगिता, छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न किए गए और राज्यपाल श्री दत्त ने उनके उत्तर दिए। राज्यपाल ने बच्चों से कहा कि राज्य के बच्चों में अपार क्षमताएं और योग्यताएं हैं। वे इन क्षमताओं को समझकर और लगनपूर्वक पढ़ाई से हर क्षेत्र में विजयी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के अनेक विद्यार्थियों ने अनेक क्षेत्रों में महारत हासिल की है।
कार्यक्रम में महानदी शिक्षण अकादमी के अध्यक्ष श्री स्वरूपचंद जैन ने संस्था के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांचवी कक्षा तक किसी प्रकार की परीक्षा नहीं ली जाती है और न ही छात्रों को होम वर्क दिया जाता है, बल्कि सीखने की प्रक्रिया पर जोर दिया जाता है। संस्था के डायरेक्टर श्री के. मोहन्ती ने विद्यालय की वार्षिक शैक्षणिक गतिविधियों एवं विभिन्न विषयों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्था के प्राचार्य श्री बी. शुक्ला ने आभार प्रदर्शन किया।
इससे पहले राज्यपाल ने स्कूल के विद्यार्थियों को उनके विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों सहित खेलकूद एवं अन्य प्रतियोगितओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। श्री दत्त ने विद्यालय प्रांगण में छात्रों द्वारा कला एवं हस्तशिल्प से संबंधित लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

