राज्य में सेना के प्रति लोगों में रूझान बढ़ाने की जरूरत : राज्यपाल श्री शेखर दत्त
राज्य सैनिक कल्याण संचालनालय की बैठक सम्पन्न
रायपुर, 27 अप्रैल 2010

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त की अध्यक्षता में आज राजभवन में राज्य सैनिक कल्याण संचालनालय के राज्य प्रबंधन समिति की समामेलित विशेष निधि की छठवीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में श्री दत्ता ने कहा कि भारतीय सेना की ताकत हमारी शान है। सेना में जाने वाले परिवार में देश-सेवा के प्रति जज्बा एवं गर्व की भावना होती है। भारत को सुरक्षित बनाने के लिए हमें राज्य में सेना के प्रति लोगों में रूझान बढ़ाना होगा और इस दिशा में प्रेरित करना होगा। छत्तीसगढ़ नया राज्य है। यहां के युवा शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट हैं तथा जानकारी के अभाव में सेना में नहीं आ पाते। उन्होंने कहा कि आगामी 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ से सेनाओं में बड़ी संख्या में युवाओं का चयन हो सकेगा। उन्होंने आदिवासी अंचलों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें सेना के लिए सक्षम बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जशपुर, सरगुजा, बस्तर जैसे सुदूर अंचलों में सेना में भर्ती को बढ़ावा देने के लिए रैली के माध्यम से जन-सामान्य में चेतना उत्पन्न की जा सकती है।
श्री दत्त ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों में सेवानिवृत्ति के बाद भी अच्छी फिटनेस होती है। इसके बाद भी ये जरूरत पड़ने पर राज्य के अशांत क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा इन्हें प्रशिक्षित कर विभिन्न सेवा क्षेत्रों में नौकरियां देकर उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें भूतपूर्व सैनिकों को प्रोत्साहन देने तथा लोगों में उनके प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता और समझ बढ़ाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव श्री पी.जॉय. उम्मेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन की ओर से समन्वय के साथ सहयोग देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अभी सेना में राज्य की युवाओं की सहभागिता कम है, लेकिन इस दिशा में सैनिक कल्याण बोर्ड के सहयोग से कारगर प्रयास जारी है, जिसके लिए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन तीव्र गति से किया जाएगा।
समामेलित विशेष निधि की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण से संबध्द विभिन्न अनुदानों के लिए पात्रता सीमा बढ़ाई गई। सैनिक कल्याण से संबध्द जिन अनुदानों की पात्रता सीमा बढ़ाई गई उनमें पुत्री विवाह अनुदान, नि:शक्त सैनिकों के बच्चों की शिक्षा छात्रवृत्ति प्रमुख हैं। इसके लिए हवलदार रैंक एवं उससे नीचे पद के सभी भूतपूर्व सैनिक इस सुविधा के लिए पात्र होंगे। फ्यूनरल ग्रांट की सीमा पांच हजार के स्थान पर दस हजार रूपये, मेडिकल ट्रीटमेंट अनुदान के तहत आठ हजार से पन्द्रह हजार रूपये एवं भूतपूर्व सैनिकों के वे बच्चे जो मिलिट्री स्कूल अथवा सैनिक स्कूल में शिक्षा हासिल कर रहे हैं उनके लिए भी शिक्षा छात्रवृत्ति दस हजार से बढ़ाकर पन्द्रह हजार किये जाने, कृत्रिम अंग तथा उनके रखरखाव के लिए आठ हजार से बढ़ाकर पन्द्रह हजार रूपये की अभिस्वीकृति दी गई। बैठक में सैनिकों के रिटायरमेंट के पहले किये जाने वाले वोकेशनल पाठयक्रमों के प्रशिक्षण हेतु ढाई सौ रूपये से बढ़ाकर पांच सौ रूपये का प्रस्ताव तथा मानसिक रूप से नि:शक्त पुत्रियों के लिए शादी तक तथा पुत्रों के लिए पच्चीस वर्ष की उम्र तक हर माह एक हजार रूपये की राशि प्रदाय का प्रस्ताव पारित किया गया।
इससे पहले राज्यपाल श्री शेखर दत्ता ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रदेशभर में सबसे अधिक जन-सहयोग राशि एकत्र करने के लिए रायपुर कलेक्टर श्री संजय गर्ग एवं द्वितीय स्थान के लिए जांजगीर-चांपा कलेक्टर श्री ब्रजेशचंद्र मिश्र को क्रमश: शील्ड एवं ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री पी.सी. दलेई, प्रमुख सचिव गृह श्री एन.के. असवाल, प्रमुख सचिव वित्ता श्री अजय सिंह, मध्य भारत एरिया से कर्नल ए.के. चटर्जी, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के सब-एरिया कमांडर ब्रिगेडियर कृष्णन्, इलाहाबाद सब-एरिया के कमांडर ब्रिगेडियर आर.के. भूटानी, प्रमुख निदेशक (रोजगार) पुनर्वास कोमोडोर राजीव कर्सोलिया, केन्द्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड नईदिल्ली कैप्टन (आई.एन.) ए. मेहरोत्रा, पुनर्वास मध्य क्षेत्र लखनऊ निदेशक मेजर जनरल राजीव वर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड जे.एस.एस. कक्कर, डॉ. पुखराज बाफना, डायरेक्टर सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जे.के. देवस्थले एवं जिला सैनिक कल्याण बोर्ड रायपुर के कर्नल ले. (सेवानिवृत्त) के.एस. यादव उपस्थित थे।
श्री दत्त ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों में सेवानिवृत्ति के बाद भी अच्छी फिटनेस होती है। इसके बाद भी ये जरूरत पड़ने पर राज्य के अशांत क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा इन्हें प्रशिक्षित कर विभिन्न सेवा क्षेत्रों में नौकरियां देकर उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें भूतपूर्व सैनिकों को प्रोत्साहन देने तथा लोगों में उनके प्रति संवेदनशीलता, जागरूकता और समझ बढ़ाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव श्री पी.जॉय. उम्मेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन की ओर से समन्वय के साथ सहयोग देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अभी सेना में राज्य की युवाओं की सहभागिता कम है, लेकिन इस दिशा में सैनिक कल्याण बोर्ड के सहयोग से कारगर प्रयास जारी है, जिसके लिए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन तीव्र गति से किया जाएगा।
समामेलित विशेष निधि की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण से संबध्द विभिन्न अनुदानों के लिए पात्रता सीमा बढ़ाई गई। सैनिक कल्याण से संबध्द जिन अनुदानों की पात्रता सीमा बढ़ाई गई उनमें पुत्री विवाह अनुदान, नि:शक्त सैनिकों के बच्चों की शिक्षा छात्रवृत्ति प्रमुख हैं। इसके लिए हवलदार रैंक एवं उससे नीचे पद के सभी भूतपूर्व सैनिक इस सुविधा के लिए पात्र होंगे। फ्यूनरल ग्रांट की सीमा पांच हजार के स्थान पर दस हजार रूपये, मेडिकल ट्रीटमेंट अनुदान के तहत आठ हजार से पन्द्रह हजार रूपये एवं भूतपूर्व सैनिकों के वे बच्चे जो मिलिट्री स्कूल अथवा सैनिक स्कूल में शिक्षा हासिल कर रहे हैं उनके लिए भी शिक्षा छात्रवृत्ति दस हजार से बढ़ाकर पन्द्रह हजार किये जाने, कृत्रिम अंग तथा उनके रखरखाव के लिए आठ हजार से बढ़ाकर पन्द्रह हजार रूपये की अभिस्वीकृति दी गई। बैठक में सैनिकों के रिटायरमेंट के पहले किये जाने वाले वोकेशनल पाठयक्रमों के प्रशिक्षण हेतु ढाई सौ रूपये से बढ़ाकर पांच सौ रूपये का प्रस्ताव तथा मानसिक रूप से नि:शक्त पुत्रियों के लिए शादी तक तथा पुत्रों के लिए पच्चीस वर्ष की उम्र तक हर माह एक हजार रूपये की राशि प्रदाय का प्रस्ताव पारित किया गया।
इससे पहले राज्यपाल श्री शेखर दत्ता ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रदेशभर में सबसे अधिक जन-सहयोग राशि एकत्र करने के लिए रायपुर कलेक्टर श्री संजय गर्ग एवं द्वितीय स्थान के लिए जांजगीर-चांपा कलेक्टर श्री ब्रजेशचंद्र मिश्र को क्रमश: शील्ड एवं ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री पी.सी. दलेई, प्रमुख सचिव गृह श्री एन.के. असवाल, प्रमुख सचिव वित्ता श्री अजय सिंह, मध्य भारत एरिया से कर्नल ए.के. चटर्जी, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के सब-एरिया कमांडर ब्रिगेडियर कृष्णन्, इलाहाबाद सब-एरिया के कमांडर ब्रिगेडियर आर.के. भूटानी, प्रमुख निदेशक (रोजगार) पुनर्वास कोमोडोर राजीव कर्सोलिया, केन्द्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड नईदिल्ली कैप्टन (आई.एन.) ए. मेहरोत्रा, पुनर्वास मध्य क्षेत्र लखनऊ निदेशक मेजर जनरल राजीव वर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड जे.एस.एस. कक्कर, डॉ. पुखराज बाफना, डायरेक्टर सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जे.के. देवस्थले एवं जिला सैनिक कल्याण बोर्ड रायपुर के कर्नल ले. (सेवानिवृत्त) के.एस. यादव उपस्थित थे।
क्रमांक 525/उषाकिरण/शुक्ल

