स्वयं को गढ़ने तथा जानने की कला है शिक्षा-राज्यपाल श्री शेखर दत्त
राजकुमार कॉलेज का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न
रायपुर, 21 दिसम्बर 2010

राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने आज यहां राजकुमार कॉलेज के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा एवं विकास का प्रत्यक्ष संबंध है। यह स्वयं की खोज तथा स्वयं को गढ़ने की एक कला है। यह मनुष्य की बुध्दिमता, कला एवं क्षमताओं में उभरकर सामने आती है। जीवन के हर क्षेत्र में हमें कई चुनौतियों का सामना करना होता है। हमें इसे बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों को जीवन की नई परिस्थितियों तथा कठिन जिम्मेदारियों का निर्वाह करने में सक्षम बना पा रही है ? क्या यह हमारे विद्यार्थियों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास करने में समर्थ है ? क्या उनमें चरित्र, धैर्य, सेवाभावना, करूणा आदि मानवीय गुणों का विकास करने में समर्थ है ? क्या वे भारत की अमूल्य बौध्दिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित हैं ? पुरस्कार वितरण समारोह में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती सुस्मिता दत्त विशेष रूप से उपस्थित थीं।

राज्यपाल श्री दत्त ने कहा कि युवाओं में जीवन के अनगिनत प्रश्नों के प्रति जिज्ञासा होती है। प्राकृतिक रूप से ये ऊर्जावान, आदर्शवादी, साहसी और सकारात्मक विचारों के होते हैं। यह हमारी शिक्षा व्यवस्था का दायित्व है कि युवाओं में निहित प्राकृतिक संभावनाओं का विकास करें। शिक्षा सत्य का अनुकरण करती है तथा ज्ञान के तलाश की अनन्त यात्रा है। यह मानवीय सम्मान एवं स्वाभिमान को बढ़ाती है। यदि प्रत्येक मानवीय गतिविधियों में शिक्षा के महत्व को हर व्यक्ति महसूस करे तो जीवन और अधिक बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता मुख्यत: चार कारकों-अभिभावक, प्रबंधन, शिक्षा और विद्यार्थियों पर निर्भर करती है। शिक्षा की गुण्ावत्ता को सम्पूर्णता में प्राप्त करने के लिए इन चारों कारकों का महत्व है। राज्यपाल श्री दत्त ने कहा कि स्कूल में बच्चे अपने भावी जीवन के लिए तैयार होते हैं, जहां उनका व्यक्तित्व गढ़ा जाता है। आज के परिदृश्य में शिक्षा का अर्थ बच्चे द्वारा मेरिट में स्थान प्राप्त करने से आंका जाता है। लेकिन परीक्षा में प्राप्त अंक उसके व्यक्तित्व एवं चरित्र का आईना नहीं होते। वास्तव में परीक्षा में प्राप्त अंकों से अधिक महत्वपूर्ण नैतिक मूल्य है, जिस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है। इस अवसर पर राजकुमार कॉलेज के प्राचार्य श्री जी.बी. सिंह ने कॉलेज का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्रों की शैक्षणिक, खेलों में हॉकी, बास्केटबाल, टेनिस, तैराकी एवं अन्य, वाद-विवाद प्रतिस्पर्धा सहित हस्तकला के क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने छात्रों की बेहतर शिक्षा के लिए प्रबंधन की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।

इससे पहले राज्यपाल श्री शेखर दत्त ने छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक एवं खेलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया। राज्यपाल श्री दत्त ने कॉलेज परिसर में छात्रों द्वारा लगाई गई क्रॉफ्ट एवं पेंटिंग प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। इस अवसर पर महाराजा श्री टी.एस. सिंहदेव सरगुजा अध्यक्ष जनरल कौंसिल, राजा श्री आर.सी. देव बिराबर हरिचंदन तलचर उपाध्यक्ष जनरल कौंसिल, राजा श्री त्रिविक्रमचंद्र देव बारम्बा चेयरमैन मैनेजिंग कमेटी, जनरल कौंसिल के सदस्यगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्रगण उपस्थित थे।

