शदाणी दरबार पहुंचकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री : संत राजाराम साहिब के वर्सी महोत्सव में शामिल हुए
रायपुर, 28 मार्च 2011

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल यहां शदाणी दरबार पहुंचकर सतगुरू संत राजाराम साहिब जी के 51 वें वर्सी महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने यहां संत शदाराम की समाधि स्थल पहुंचकर श्रध्दा-सुमन अर्पित किए और संत-जनों की वाणी और भजन-कीर्तन का श्रवण भी किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री नंद कुमार साहू , भारतमाता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज, शदाणी दरबार के पीठाधीश श्री युधिष्ठिर लाल, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी सहित संतगण, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रध्दालुगण और पाकिस्तान से आये लगभग साढ़े तीन सौ सदस्यों का जत्था भी उपस्थित था।
राज्यपाल श्री दत्त ने संक्षिप्त उद्गार में कहा कि शदाणी दरबार में उपस्थित होकर मैं अपने आप को धन्य मान रहा हूं। भारत में गरीबों और पीड़ितों के सेवा करने और उनके कल्याण के लिए कार्य करने के बहुत से अवसर मौजूद हैं। यह सराहनीय बात है कि शदाणी दरबार इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संतजनों ने हमें बताया है कि किसी भी क्षेत्र या दिशा में पूरी संवेदनशीलता, प्रेम, समर्पण और सहिष्णुता से कार्य करने पर भगवान की प्राप्ति का मार्ग खुलता है। उन्होंने कामना की कि ईश्वर सभी को सही और सच्ची राह दिखाये।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शदाणी दरबार के माध्यम से पिछले तीन सौ वर्षों से ज्योति और प्रकाश फैलाने का कार्य किया जा रहा है। शदाणी दरबार भारत का ही धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र बन गया है जहां दूरदराज से संत और श्रध्दालु बड़ी संख्या में आते हैं। उन्होंने शदाणी दरबार के प्रमुख श्री युधिष्ठिर लाल की सरलता, सहजता और सेवा-कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा गरीब मरीजों के ईलाज के लिए अथक योगदान दिया जा रहा है।
स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज ने अपने ओजस्वी और प्रभावपूर्ण उद्गार में कहा कि संसार में सबसे बड़ा धर्म 'प्रेम' है और जब इसका नाता परमात्मा से जुड़ जाता है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शदाणी दरबार आध्यात्मिक दृष्टि से अखण्ड भारत का दर्शन करता है। इसमें भारत और पाकिस्तान के श्रध्दालु एक साथ दर्शन करने आते हैं। उन्होंने कहा कि सतगुणी और पवित्र लोगों के पास ईश्वर खुद पहुंचते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीस लाख लोगों को मात्र एक और दो रूपये में अन्न रूपी चावल को उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सराहना की और कहा कि अन्न दान महादान है। उन्होंने इसके माध्यम से दरिद्रनारायण की सेवा की है।

