संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाएं-स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल
रायपुर 10जून 2010
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने वर्षाकाल में मौसमी और संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर बीमारियां साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण होती हैं। इसलिए अभियान के दौरान स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ संक्रामक बीमारी होने पर बरती जाने वाली सावधानियों, दवाईयों की उपलब्धता और उसके उपयोग के बारे में भी लोगों को बताया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरे छत्तीसगढ़ में संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाए। सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता सक्रिय होकर अपने क्षेत्र में संक्रामक बीमारी से बचाव लिए लोगों को जागरूक करें। महामारी से बचाव के लिए दीवार लेखन और बीमारी से बचाव के उपायों से संबंधित पम्पलेट और पोस्टरों का वितरण गांवों में कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों को उल्टी-दस्त से बचाव के लिए साफ-सफाई रखने, स्वच्छ पेयजल और ताजा भोजन करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रत्येक बसाहट में हर व्यक्ति को जीवन रक्षक घोल बनाने की विधि और उसके उपयोग के बारे में जानकारी दी जाए। इसी तरह मलेरिया से बचाव के मच्छरदानी और नीम के तेल का उपयोग करने के बारे में लोगों को बताया जाए।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया जाए कि संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए सभी गांवों और प्रत्येक बसाहट में डिपो होल्डर बनाया गया है, जहां पर्याप्त मात्रा में दवाईयों का भण्डारण कराया गया है। बुखार आने पर तत्काल डिपो होल्डर के पास जाकर दवाईयां लेने और रक्त पट्टी अनिवार्य रूप से बनवाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि वे प्रत्येक गांव के जल स्रोतों की पहचान कर उनका मानचित्रीकरण कराएं और सप्ताह में एक बार और उल्टी दस्त फैलने पर प्रतिदिन जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर डलवाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के हेण्डपम्प मेकेनिकों से सप्ताह में एक बार हेण्डपम्प में लिक्वीड क्लोरिन डलवाकर जल शुध्दिकरण कराया जाए। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से मच्छरों के प्रजनन स्थलों जैसे गन्दे पानी के गडढों को भरने अथवा उसमें जला हुआ तेल डालवाने की व्यवस्था की जाए। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया जाए कि वे अपने क्षेत्र के लोगों से सत्त सम्पर्क में रहें और संक्रामक बीमारी अथवा बुखार आने पर मरीजों का तत्काल दवाईयां देकर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरे छत्तीसगढ़ में संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाए। सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता सक्रिय होकर अपने क्षेत्र में संक्रामक बीमारी से बचाव लिए लोगों को जागरूक करें। महामारी से बचाव के लिए दीवार लेखन और बीमारी से बचाव के उपायों से संबंधित पम्पलेट और पोस्टरों का वितरण गांवों में कराया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों को उल्टी-दस्त से बचाव के लिए साफ-सफाई रखने, स्वच्छ पेयजल और ताजा भोजन करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रत्येक बसाहट में हर व्यक्ति को जीवन रक्षक घोल बनाने की विधि और उसके उपयोग के बारे में जानकारी दी जाए। इसी तरह मलेरिया से बचाव के मच्छरदानी और नीम के तेल का उपयोग करने के बारे में लोगों को बताया जाए।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया जाए कि संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए सभी गांवों और प्रत्येक बसाहट में डिपो होल्डर बनाया गया है, जहां पर्याप्त मात्रा में दवाईयों का भण्डारण कराया गया है। बुखार आने पर तत्काल डिपो होल्डर के पास जाकर दवाईयां लेने और रक्त पट्टी अनिवार्य रूप से बनवाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि वे प्रत्येक गांव के जल स्रोतों की पहचान कर उनका मानचित्रीकरण कराएं और सप्ताह में एक बार और उल्टी दस्त फैलने पर प्रतिदिन जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर डलवाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के हेण्डपम्प मेकेनिकों से सप्ताह में एक बार हेण्डपम्प में लिक्वीड क्लोरिन डलवाकर जल शुध्दिकरण कराया जाए। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से मच्छरों के प्रजनन स्थलों जैसे गन्दे पानी के गडढों को भरने अथवा उसमें जला हुआ तेल डालवाने की व्यवस्था की जाए। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया जाए कि वे अपने क्षेत्र के लोगों से सत्त सम्पर्क में रहें और संक्रामक बीमारी अथवा बुखार आने पर मरीजों का तत्काल दवाईयां देकर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
क्रमांक-1177/कुशराम

