कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्र जुलाई से शुरू होंगे
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा 30 जून तक तैयारी पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर 21 जून 2010
छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए प्रदेश के बीस अस्पतालों में पोषण पुनर्वास केन्द्रा (न्यूट्रीशन रिहेबलिटेशन सेन्टर्स) की स्थापना की गई है। सभी केन्द्र जुलाई से शुरू हो जाएंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने पोषण पुनर्वास केन्द्रों की सभी तैयारियां तीस जून तक पूर्ण करने के निर्देश संबंधित मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं। इन केन्द्रों में कुपोषित बच्चों के समुचित इलाज करने के साथ ही पोषण एवं आहार विशेषज्ञों की देखरेख में उन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाएगा। श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कुपोषित बच्चों की संख्या बहुत अधिक है, पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से बच्चों कुपोषण से मुक्त करने में मदद मिलेगी। पोषण पुनर्वास केन्द्र शुरू करने के लिए आवश्यक राशि संबंधित अस्पतालों को भेज दी गई है।
पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला अस्पताल अम्बिकापुर, बिलासपुर, धमतरी, दंतेवाड़ा, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कांकेर,कवर्धा, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और जिला अस्पताल राजनांदगांव में स्थापित किया गया है। इसके अलावा पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पेण्ड्रारोड, बीजापुर, नारायणपुर, कोण्डागांव और गरियाबंद को पोषण पुनर्वास केन्द्र के लिए चयन किया गया है। उपस्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के वजन, कुपोषण के लक्षण और परीक्षण के आधार पर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किए जाने पर उन्हें प्रति प्रकरण पचास रूपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। बच्चों के चिन्हांकन के बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। प्रत्येक पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों के लिए पांच बिस्तर आरक्षित रखा गया है। इन केन्द्रों में बच्चे के उपचार के साथ ही उनकी माता को भी पोषण आहार दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक केन्द्र को प्रतिवर्ष साठ हजार रूपए की राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी पुनर्वास केन्द्रों में जीवनदीप समितियों के माध्यम से एक फीडिंग डिमांसेट्रेटर की संविदा के आधार पर नियुक्ति की जा रही है। फीडिंग डिमांसेट्रेटर की शैक्षणिक योग्यता होम साइंस में स्नातक रखा गया है। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों और माताओं को संतुलित और पोषक आहार देने के लिए केन्द्र के रसोई घर का सुदृढ़ीकरण भी किया गया है। रसोई घर के सुदृढ़ीकरण्ा के लिए प्रत्येक केन्द्र को एक लाख रूपए और बर्तनों के लिए पांच हजार रूपए की राशि दी गई है। इसके लिए दो रसोईयों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जा रही है। कुपोषित बच्चों को प्रथम संदर्भन इकाई याने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजे जाने पर बच्चे के अभिभावक को आने-जाने के लिए दो सौ रूपए कुपोषित बच्चों को द्वितीय संदर्भन इकाई याने जिला अस्पताल भेजे जाने पर 750 रूपए आने-जाने का खर्चा दिया जाएगा। प्रत्येक कुपोषण पुनर्वास केन्द्र के एक चिकित्सक को कुपोषण पुनर्वास संस्थान कोलकाता में प्रशिक्षण दिलाया गया है।
पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला अस्पताल अम्बिकापुर, बिलासपुर, धमतरी, दंतेवाड़ा, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कांकेर,कवर्धा, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और जिला अस्पताल राजनांदगांव में स्थापित किया गया है। इसके अलावा पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पेण्ड्रारोड, बीजापुर, नारायणपुर, कोण्डागांव और गरियाबंद को पोषण पुनर्वास केन्द्र के लिए चयन किया गया है। उपस्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के वजन, कुपोषण के लक्षण और परीक्षण के आधार पर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किए जाने पर उन्हें प्रति प्रकरण पचास रूपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। बच्चों के चिन्हांकन के बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। प्रत्येक पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों के लिए पांच बिस्तर आरक्षित रखा गया है। इन केन्द्रों में बच्चे के उपचार के साथ ही उनकी माता को भी पोषण आहार दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक केन्द्र को प्रतिवर्ष साठ हजार रूपए की राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी पुनर्वास केन्द्रों में जीवनदीप समितियों के माध्यम से एक फीडिंग डिमांसेट्रेटर की संविदा के आधार पर नियुक्ति की जा रही है। फीडिंग डिमांसेट्रेटर की शैक्षणिक योग्यता होम साइंस में स्नातक रखा गया है। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों और माताओं को संतुलित और पोषक आहार देने के लिए केन्द्र के रसोई घर का सुदृढ़ीकरण भी किया गया है। रसोई घर के सुदृढ़ीकरण्ा के लिए प्रत्येक केन्द्र को एक लाख रूपए और बर्तनों के लिए पांच हजार रूपए की राशि दी गई है। इसके लिए दो रसोईयों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जा रही है। कुपोषित बच्चों को प्रथम संदर्भन इकाई याने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजे जाने पर बच्चे के अभिभावक को आने-जाने के लिए दो सौ रूपए कुपोषित बच्चों को द्वितीय संदर्भन इकाई याने जिला अस्पताल भेजे जाने पर 750 रूपए आने-जाने का खर्चा दिया जाएगा। प्रत्येक कुपोषण पुनर्वास केन्द्र के एक चिकित्सक को कुपोषण पुनर्वास संस्थान कोलकाता में प्रशिक्षण दिलाया गया है।
क्रमांक-1350/कुशराम

