छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बने- स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल
स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला पुरस्कार

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष 2010-11 में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों,स्वास्थ्य केन्द्रों और पैरामेडिकल स्टॉफ और मितानिनों सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। पुरस्कार समारोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। इस समारोह में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों को लगभग नब्बे पुरस्कार दिए गए। स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर पुरस्कृत चिकित्सकों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य हुए हैं। मितानिन, त्रिवर्षीय चिकित्सा पाठयक्रम के छात्रों की ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में छत्तीसगढ़ देश का रोल मॉडल बना है। उन्होंने कहा कि हम सभी की कोशिश होनी चाहिए कि आने वाले वर्षों में अन्य स्वास्थ्य सूचकांको और योजनाओं में भी छत्तीसगढ़ देश का रोल मॉडल बने। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव श्री विकासशील सहित कोरिया, धमतरी, कांकेर, जशपुर और रायपुर जिले के कलेक्टर भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सामाजिक सरोकार का सबसे बड़ा क्षेत्र है और यह राज्य सरकार की प्राथमिकता क्रम में भी सबसे उपर है। यही कारण है कि पिछले छह-सात वर्षों में स्वास्थ्य का बजट निरंतर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी जरूर है,
लेकिन धन की कोई कमी नहीं है और ना होने दी जाएगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों की कमी को तत्काल दूर नहीं किया जा सकता, लेकिन पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी को जरूर दूर किया जा सकता है और इस दिशा में गंभीरतापूर्वक प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रशिक्षण केन्द्र खोले गए हैं। आने वाले एक-दो वर्षों में पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी दूर कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य विभाग में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त सभी पदों को भर लिया जाएगा, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश का कोई भी स्वास्थ्य केन्द्र स्वास्थ्य कार्यकर्ता विहीन ना हो। स्वास्थ्य मंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी संस्थाओं और चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि जो पुरस्कार प्राप्त नहीं कर सके हैं, वे इस वर्ष अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री विकासशील ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पहली बार छत्तीसगढ़ में चिकित्सकों और कर्मचारियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। इससे दूसरे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी भी प्रेरित होंगे। उन्होंने बीते वित्तीय वर्ष 2010-11 में विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में हासिल उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने इस वर्ष मलेरिया, कुष्ठ, परिवार नियोजन, क्षय नियंत्रण कार्यक्रम और संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बतायी। इस अवसर पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सुबीर मुखर्जी, संचालक राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र डॉ. जे.पी.मिश्रा, संचालक आयुष डॉ. जे.एस. बदेशा सहित सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सकगण और विभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

