मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में प्रवेश नियमों में संशोधन
रायपुर, 09 अप्रैल 2010
राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में दाखिला और अभ्यर्थियों के प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के संबंध में नियमों में कुछ संशोधन किया गया है। संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सुबीर मुखर्जी ने आज यहां इन संशोधित नियमों को स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रवेश नियम 6.11.2 में सेवारत अभ्यर्थियों के चयन के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 55 वर्ष कर दी गयी है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह प्रवेश नियम 6.11.5 और 7.3 में यह प्रावधान किया गया है कि सेवारत अभ्यर्थियों से प्राप्त आवेदन पत्रों को अग्रेषण अधिकारी निर्धारित तिथि के भीतर सीधे अग्रेषित कर सकेंगे और इस प्रकार अग्रेषित आवेदन पत्रों को सम्यक रूप से अग्रेषित माना जाएगा। यह भी प्रावधान किया गया है कि अग्रेषण अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वे विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा में सफल घोषित सेवारत अभ्यर्थियों के प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता का परीक्षण कर एक पात्रता प्रमाण पत्र, अलग से प्रवेश नियम में प्रावधानित पंजीयन और संवीक्षा की निर्धारित तिथि के पहले अनिवार्य रूप से जारी करेंगे। यदि किसी सफल घोषित अभ्यर्थी को प्रवेश की पात्रता न हो तो ऐसी दशा में संबंधित अभ्यर्थी को इसका कारण बताते हुए लिखित सूचना संवीक्षा तिथि के पहले अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
प्रवेश नियम 6 (8) के प्रावधान के संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं इस शर्त पर अभ्यर्थी को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा कि वे स्नातकोत्तर की शिक्षा पूर्ण करने के बाद छत्तीसगढ़ के चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में प्रवेश नियम के अनुसार अनिवार्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करेंगे। इसके अलावा स्नातक शिक्षा पूर्ण करने के बाद निर्धारित अनिवार्य ग्रामीण सेवा की शेष अवधि के लिए अतिरिक्त सेवा प्रदान करने की शर्त पर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। ऐसे प्रत्येक प्रकरण में अभ्यर्थियों से स्नातकोत्तर पाठयक्रमों प्रवेश के समय ऐसी शेष अवधि के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करने के संबंध में अनुबंध पत्र भरवाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में प्रवेष नियमों में संशोधन के लिए यहां मंत्रालय से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा कल 8 अप्रैल को आदेश जारी कर दिया गया है।

