राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लगभग पन्द्रह लाख लोगों को स्मार्ट कार्ड जारी
नक्सल हिंसा पीड़ितों,श्रमिकों और मितानिनों को भी बीमा का लाभ
रायपुर 12 जुलाई 2011
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ के लगभग पन्द्रह लाख गरीब परिवारों को योजना के दायरे में लाया जा चुका है। इन परिवारों को अब तक चौदह लाख 99 हजार 447 स्मार्ट कार्ड जारी किया गया है, जिसके माध्यम से वे नि:शुल्क चिकित्सा सेवा का लाभ उठा रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों, भवन और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों, मितानिनों और राष्ट्रीय ग्रामीण् स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को भी बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन द्वारा गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 669 अस्पतालों को सूचीबध्द किया गया है। बीमा कम्पनी द्वारा अब तक गरीबों के इलाज के एवज में संबंधित अस्पतालों के 65 हजार 345 दावा प्रकरणों का निराकरण कर 30 करोड़ 27 लाख रूपए से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि गरीबी रेखा सूची में शामिल प्रदेश के कुल 24 लाख 39 हजार 914 परिवारों को स्मार्ट कार्ड दिया जाना है, जिसमें से लगभग साठ फीसदी परिवारों को स्मार्ट कार्ड दिया जा चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पहल पर प्रदेश के नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों, भवन और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों, मितानिनों और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को भी बीमा योजना के दायरे में लाया गया है। अभी भवन और निर्माण कार्यों में संलग्न 17 हजार 64 श्रमिकों, नक्सल हिंसा से पीड़ित एक हजार 831 परिवारों, प्रदेश के दूर-दराज गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली लगभग साठ हजार स्वास्थ्य मितानिनों और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के पांच हजार संविदा कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेल्वे के कुलियों, बीड़ी श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, स्ट्रीट वेण्डरों और घरेलू नौकरों को भी योजना के दायरे में लाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इन सभी को योजना में शामिल कर लेने के बाद प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा के दायरे में शामिल हो जाएगी।
श्री अग्रवाल ने बताया कि अब तक राजनांदगांव जिले में 79 हजार 083, दुर्ग जिले में एक लाख 56 हजार 860,बिलासपुर जिले में एक लाख 39 हजार 658, सरगुजा जिले में एक लाख 53 हजार 249, रायपुर जिले में दो लाख 31 हजार 876, बस्तर जिले में एक लाख 14 हजार 758, नारायणपुर जिले में 8 हजार 20, उत्तर बस्तर कांकेर जिले में पचास हजार 735, धमतरी जिले में 45 हजार 502, रायगढ़ जिले में एक लाख 35 हजार 456, कोरबा जिले में 69 हजार 958, जांजगीर-चांपा जिले में 79 हजार 668, जशपुर जिले में 53 हजार 326, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में 685, बीजापुर जिले में छह हजार 987, महासमुंद जिले में 73 हजार 94, कबीरधाम जिले में 59 हजार 997 और कोरिया जिले में 40 हजार 895 गरीब परिवारों को स्मार्ट कार्ड दिया जा चुका है। जिन परिवारों को स्मार्ट कार्ड दिया गया है, वे अपने और अपने परिवार के पांच सदस्यों का एक वर्ष में तीस हजार रूपए तक का नि:शुल्क इलाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत चिन्हित किसी भी अस्पताल में करा सकते हैं।

