संजीवनी कोष से तीन हजार से अधिक गंभीर मरीजों को मिली राहत
इलाज के लिए 26 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता
रायपुर 22 जुलाई 2010
छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा संचालित संजीवनी कोष योजना से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को काफी राहत मिली है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित 104 मरीजों को एक करोड़ 40 लाख रूपए की सहायता दी गई है। इसे मिलाकर वर्ष 2001 से लेकर 30 जून 2010 तक इस योजना के अन्तर्गत गंभीर बीमारियों से पीड़ित तीन हजार 316 मरीजों के इलाज के लिए राज्य शासन द्वारा 26 करोड़ 60 लाख 08 हजार रूपए की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इनमें दो हजार 527 हृदय रोगियों के हृदय का आपरेशन कराया गया, जबकि कैंसर के 524 मरीजों और अन्य गंभीर रोग से पीड़ित 337 मरीजों इलाज के लिए राज्य शासन द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सबसे ज्यादा प्रकरण हृदय रोग से संबंधित है। इन मरीजों को छत्तीसगढ़ के मान्यता प्राप्त अस्पतालों के अलावा प्रदेश के बाहर के अस्पतालों में भी इलाज कराया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001-02 में 29 मरीजों को एक करोड़ पच्चीस लाख रूपए, 2002-03 में 221 मरीजों को एक करोड़ 76 लाख रूपए और 2003-04 में 227 मरीजों को तीन करोड़ 60 हजार रूपए की सहायता संजीवनी कोष से दी गई है। इसी तरह वर्ष 2004-05 में 178 मरीजों को एक करोड़ 72 लाख रूपए, 2005-06 में 518 मरीजों को तीन करोड़ 49 लाख रूपए, 2006-07 में 565 मरीजों को चार करोड़ 41 लाख रूपए, 2007-08 में 544 मरीजों को चार करोड़ 53 लाख 96 हजार रूपए, 2008-09 में 394 मरीजों को दो करोड़ 61 लाख रूपए और 2009-10 में 536 मरीजों को तीन करोड़ 53 लाख तीन हजार रूपए और चालू वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 30 जून 2010 तक 104 मरीजों को एक करोड़ 40 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी गई है। उल्लेखनीय है कि संजीवनी कोष योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के सदस्य को अधिकतम डेढ़ लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। गंभीर बीमारियों के अलावा औद्योगिक दुर्घटना और कृषि उपकरणों के संचालन से हुई दुर्घटना में पीड़ित गरीब व्यक्ति को भी उपचार के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान इस योजना में है। यह सहायता छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को केवल राज्य शासन से मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों एवं चिकित्सा संस्थानों में ईलाज के लिए दी जाती है। सहायता के लिए निर्धारित आवेदन पत्र संबंधित कलेक्टर कार्यालय, जिलों के सिविल सर्जन अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।

